बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। जिले के सभी 181 धान उपार्जन केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही धान के परिवहन को भी डिजिटल मॉनिटरिंग के दायरे में लाया जाएगा, ताकि खरीदी से लेकर परिवहन तक की प्रक्रिया पर नियंत्रण रखा जा सके। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, जिले में धान खरीदी 16 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। खरीदी शुरू होने से पहले कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने संबंधित अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
181 धान खरीदी केंद्रों पर CCTV से निगरानी
धान खरीदी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए जिले के सभी 181 उपार्जन केंद्रों के CCTV कैमरों का एक्सेस जिला स्तरीय इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगा। इस व्यवस्था से केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को जांच करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का उद्देश्य खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, अनियमितताओं की आशंका कम करना और किसानों से जुड़ी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
धान परिवहन करने वाले वाहनों पर भी रहेगी नजर
इस बार प्रशासन की निगरानी केवल धान खरीदी केंद्रों तक सीमित नहीं रहेगी। उपार्जन केंद्रों से धान लेकर जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी नजर रखी जाएगी। इसके लिए सतर्क ऐप के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से अलग जाता है, लंबे समय तक अनावश्यक रूप से रुकता है या किसी केंद्र पर संदिग्ध गतिविधि का पता चलता है, तो सिस्टम के माध्यम से टिकट जनरेट होगा। ऐसे मामलों की जांच और निराकरण की जिम्मेदारी तहसील स्तर पर गठित उड़नदस्ता टीमों को दी जाएगी। इस व्यवस्था से धान के परिवहन की निगरानी मजबूत होने और संभावित गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अनियमितता मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। शासन के निर्देशों के अनुसार, डीसीएस सत्यापन के आधार पर वास्तविक किसानों से ही धान खरीदा जाएगा। इसके अलावा ग्रीष्मकालीन और घुन लगा धान स्वीकार नहीं किया जाएगा। खरीदी केंद्रों पर नमी मापक यंत्रों और इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों का कैलिब्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही बायोमेट्रिक उपकरणों की उपलब्धता और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर ध्यान देने को कहा गया है।
किसानों की सुविधा पर भी रहेगा फोकस
प्रशासन ने समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। खरीदी केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और किसानों को प्रक्रिया के दौरान परेशानी से बचाने पर भी जोर दिया गया है। समय पर तैयारी पूरी होने से खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी। प्रशासन की कोशिश है कि किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो।
खरीदी से परिवहन तक डिजिटल पहरा
बलौदा बाजार जिले में इस बार धान खरीदी के दौरान CCTV निगरानी, जिला स्तरीय कंट्रोल रूम, वाहनों की आवाजाही का रिकॉर्ड और सतर्क ऐप जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इन उपायों के जरिए प्रशासन खरीदी और परिवहन की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने की तैयारी में है। इस डिजिटल निगरानी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य धान खरीदी में पारदर्शिता बढ़ाना, संभावित गड़बड़ियों पर नियंत्रण रखना और किसानों के हितों की रक्षा करना है।