होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

कांग्रेस के पुतला दहन के दौरान भड़की आग, कई कार्यकर्ता चपेट में

कांग्रेस के पुतला दहन के दौरान भड़की आग, कई कार्यकर्ता चपेट में

बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के देवरबीजा में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन करते समय अचानक आग भड़क गई। पुतले पर पेट्रोल डालने के दौरान आग की लपटें पास खड़े कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं तक पहुंच गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह प्रदर्शन बढ़ते बिजली बिल और मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था।

पुतला जलाने के दौरान कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, देवरबीजा में कांग्रेस कमेटी की ओर से विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पहले जनसभा हुई, जिसमें पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया।

पुतला जलाने की तैयारी के दौरान उस पर पेट्रोल डाला गया। इसी समय आग अचानक तेजी से भड़क उठी और आसपास मौजूद कुछ कार्यकर्ता उसकी चपेट में आ गए। घटना से मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई।

बढ़ते बिजली बिल के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बढ़ते बिजली बिल को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी प्रदर्शन किया गया।

जनसभा के बाद पुतला दहन किया जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आग भड़कने की घटना ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को अचानक सतर्क कर दिया।

रविंद्र चौबे सहित कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद

देवरबीजा में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे, पूर्व विधायक गुरदयाल सिंह बंजारे और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आशीष छाबड़ा समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम के दौरान पुतला दहन में आग भड़कने से हादसा हो गया।

देवरबीजा की घटना के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल

पुतला दहन के दौरान पेट्रोल के इस्तेमाल से आग अचानक फैलने का खतरा रहता है। देवरबीजा में हुई घटना इस बात की ओर ध्यान दिलाती है कि विरोध प्रदर्शनों में अग्नि सुरक्षा के उपायों का पालन करना जरूरी है।

फिलहाल, घटना में प्रभावित हुए कार्यकर्ताओं की संख्या, उनकी चोटों की गंभीरता और उपचार से जुड़ी विस्तृत जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।


संबंधित समाचार