राहुल टेभरे, बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला मुख्यालय में चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज के नाम पर शुरू हुआ राजनैतिक विवाद अब एक उग्र और बड़े आंदोलन में तब्दील हो गया है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे द्वारा राजा भोज को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के खिलाफ पंवार समाज ने जिला मुख्यालय में उग्र विरोध प्रदर्शन किया है। बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने आक्रोश जताते हुए पूर्व सांसद का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजा भोज के नाम पर मुहर
दरअसल, हाल ही में गर्रा रेलवे ओवरब्रिज का नामकरण आधिकारिक रूप से चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज ओवरब्रिज रखे जाने की घोषणा हुई थी, जिसका पंवार समाज ने स्वागत किया था। इस नामकरण पर टिप्पणी करते हुए पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने सार्वजनिक रूप से कह दिया कि राजा भोज का बालाघाट से कोई लेना-देन नहीं है और उन्हें यहां कोई नहीं जानता। कुछ नेताओं ने केवल अपनी राजनीतिक रोटियां चमकाने के लिए राजा भोज का नाम जबरन बालाघाट की में घसीटा है।
सड़कों पर फूटा आक्रोश
पूर्व सांसद मुंजारे का यह बयान आते ही महाकौशल अंचल के पंवार समाज में असंतोष फैल गया। समाज के कप्तानों ने इस टिप्पणी को राजा भोज के गौरवमयी इतिहास और पंवार समाज की आस्था पर एक सीधा और गहरा आघात बताया। बयान के विरोध में जिला मुख्यालय के प्रमुख चौराहे पर पंवार समाज के सैकड़ों लोग एकत्रित हुए। समाज ने पूर्व सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कंकर मुंजारे का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।
कानूनी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राज्यपाल और स्थानीय प्रशासन के नाम एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और महापुरुषों का अपमान करने के एवज में पूर्व सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बालाघाट पुलिस कमिश्नरेट और स्थानीय प्रशासन पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। प्रदर्शन स्थल से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।