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Assam Flood News: असम में बाढ़ से 4.45 लाख लोग प्रभावित, 68 की मौत, 6 जिलों में राहत-बचाव अभियान तेज

Assam Flood News: असम में बाढ़ से 4.45 लाख लोग प्रभावित, 68 की मौत, 6 जिलों में राहत-बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति में सोमवार को हल्का सुधार देखने को मिला है, लेकिन संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। राज्य के छह जिलों में अब भी 4,45,495 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राहत की बात यह रही कि पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली। हालांकि, वर्ष 2026 में बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। रविवार की तुलना में प्रभावित लोगों की संख्या में कमी आई है, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और जनजीवन पर संकट बरकरार है।

चराइदेव सबसे ज्यादा प्रभावित जिला

बाढ़ से सबसे अधिक असर चराइदेव जिले में देखा गया है, जहां 1,88,404 लोग प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में 1,44,461 और जोरहाट में 74,458 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।

90 राहत शिविरों में हजारों लोगों को आश्रय

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राज्यभर में 90 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 28,695 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। इसके अलावा 94 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है।

धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर

ASDMA के मुताबिक गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ क्षेत्र में धनसिरी (दक्षिण) नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।

NDRF और SDRF की संयुक्त कार्रवाई

राहत एवं बचाव कार्यों में NDRF, SDRF और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। प्रभावित गांवों तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 67 नावों की सहायता से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

खेती और पशुधन को भारी नुकसान

बाढ़ का असर केवल जनजीवन तक सीमित नहीं है। ASDMA के अनुसार 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है। वहीं 26,679 पशुधन के बह जाने की पुष्टि हुई है। कई गांवों में मकानों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन की अपील

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं।


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