ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में बॉलीवुड में कथित ‘सांप्रदायिक भेदभाव’ को लेकर कही गई बातों के बाद सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। अब इस पूरे मामले पर खुद एआर रहमान ने सामने आकर अपनी बात साफ की है।
इंस्टाग्राम वीडियो जारी कर दी सफाई:
एआर रहमान ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी समुदाय, व्यक्ति या भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
“भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु और मेरा घर है”:
वीडियो में एआर रहमान ने कहा, “प्रिय दोस्तों, संगीत हमेशा से संस्कृति से जुड़ने, उसका सम्मान करने और उसका जश्न मनाने का मेरा माध्यम रहा है। भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है।” उन्होंने स्वीकार किया कि कभी-कभी बातों का अर्थ अलग तरह से निकाला जा सकता है, लेकिन उनका मकसद हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना और सम्मान देना रहा है।
विविधता और रचनात्मक आज़ादी की बात:
एआर रहमान ने यह भी कहा कि उन्हें हमेशा ऐसे माहौल में काम करने का अवसर मिला, जहां विविधता और रचनात्मक स्वतंत्रता को महत्व दिया जाता है। भारतीय होने के नाते उन्हें कई संस्कृतियों और आवाज़ों के साथ काम करने का सौभाग्य मिला है।
अपनी कलात्मक यात्रा का किया जिक्र:
अपनी सफाई के दौरान रहमान ने अपने करियर के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया, जिनमें प्रधानमंत्री के सामने वेव समिट में प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स
युवा नागा संगीतकारों के साथ स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मेंटर करना शामिल हैं,भारत का पहला बहुसांस्कृतिक वर्चुअल बैंड ‘सीक्रेट माउंटेन’ हॉलीवुड कंपोजर हंस ज़िमर के साथ रामायण का म्यूजिक स्कोर उन्होंने कहा कि इन सभी अनुभवों ने उनके उद्देश्य को और मजबूत किया है।
“संगीत अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ता है”
एआर रहमान ने अपने संदेश के अंत में कहा, “मेरे लिए संगीत ऐसा माध्यम है जो अतीत का सम्मान करता है, वर्तमान का जश्न मनाता है और भविष्य को प्रेरित करता है।”
क्या था विवादित बयान?
दरअसल, बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में रहमान ने कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में निर्णय लेने वाले लोग रचनात्मक नहीं रह गए हैं और शायद साम्प्रदायिक सोच भी हावी रही हो। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनके सामने कभी किसी ने सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा।