मध्यप्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक पदों पर चयनित करीब 4 हजार उम्मीदवारों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही स्कूल चयन की प्रक्रिया की तारीखें भी घोषित कर दी गई हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों को 12 मई से 18 मई 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से स्कूलों का चयन करना होगा। लंबे समय से अटकी हुई नियुक्ति प्रक्रिया के आगे बढ़ने से उम्मीदवारों में राहत और उत्साह दोनों देखने को मिल रहा है।
लंबे समय से अटकी थी प्रक्रिया
सरकारी शिक्षक भर्ती की यह प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से लंबित थी। उम्मीदवार लगातार नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग कर रहे थे। भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण कई बार अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन भी किए। हाल ही में भोपाल स्थित डीपीआई कार्यालय के बाहर भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विरोध दर्ज कराया था।
चयन सूची जारी होने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। अब सरकार ने आदेश जारी कर प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है।
2022 में शुरू हुई थी भर्ती
इस भर्ती अभियान की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। सबसे पहले पात्रता परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा कराई गई। परीक्षा पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को रिजल्ट का लंबा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार सितंबर 2025 में परिणाम घोषित किए गए और चयन सूची जारी हुई।
हालांकि चयन के बाद भी नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो पाए थे। इसी कारण लगातार युवाओं की ओर से सरकार से प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की जा रही थी।
ऑनलाइन भरने होंगे स्कूल विकल्प
डीपीआई ने स्पष्ट किया है कि चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित पोर्टल पर जाकर स्कूलों का चयन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। अभ्यर्थियों को अपने जिले और संभाग के अंतर्गत आने वाले स्कूलों को प्राथमिकता क्रम में भरना होगा।
माध्यमिक शिक्षक के साथ प्राथमिक स्तर पर खेल, संगीत, नृत्य और अन्य विषयों के लिए चयनित उम्मीदवार भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। विभाग ने कहा है कि विकल्प भरते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि बाद में बदलाव का अवसर नहीं मिलेगा।
शुल्क जमा करना जरूरी
विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि केवल विकल्प भरना पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवारों को पोर्टल शुल्क भी जमा करना होगा। शुल्क जमा होने के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।
यदि कोई उम्मीदवार समय पर शुल्क जमा नहीं करता है, तो उसका स्कूल चयन अधूरा माना जा सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार न करने की सलाह दी गई है।
समय सीमा चूकने पर होगा नुकसान
सरकार की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि निर्धारित समय के भीतर विकल्प नहीं भरने वाले अभ्यर्थियों को बाद में बची हुई सीटों के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे। इससे मनपसंद स्कूल मिलने की संभावना कम हो सकती है।
इसके अलावा, एक बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी प्रकार का दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। इसलिए सभी उम्मीदवारों को निर्देशों को ध्यान से पढ़कर ही प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने पारदर्शिता का भरोसा दिलाया
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा रही है। सरकार का उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी। इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ विद्यार्थियों को भी बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा।
युवाओं में खुशी का माहौल
नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को अब जल्द ज्वाइनिंग मिलने की उम्मीद है। सोशल मीडिया पर भी कई अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
अब सभी की नजर स्कूल आवंटन और अंतिम नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हुई है। यदि सब कुछ तय समय पर पूरा होता है, तो जल्द ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हजारों नए शिक्षक अपनी सेवाएं देते नजर आएंगे।