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स्वतंत्रता दिवस से पहले अंबिकापुर जेल से 8 कैदियों की रिहाई, 14-15 साल बाद मिली खुली हवा

स्वतंत्रता दिवस से पहले अंबिकापुर जेल से 8 कैदियों की रिहाई, 14-15 साल बाद मिली खुली हवा

अंबिकापुर: स्वतंत्रता दिवस से पहले अंबिकापुर केंद्रीय जेल से 8 कैदियों को समयपूर्व रिहा किया गया। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जब इन कैदियों ने जेल की चारदीवारी से बाहर कदम रखा तो माहौल भावुक हो गया। करीब 14 से 15 साल जेल में बिताने के बाद बाहर आए कैदियों की आंखें नम थीं। परिजनों और जेल अधिकारियों के बीच भी इस दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले। सभी रिहा किए गए कैदी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जेल में उनके लंबे प्रवास के दौरान अच्छे आचरण और संतोषजनक व्यवहार को देखते हुए उनकी समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

अच्छे आचरण ने खोला रिहाई का रास्ता

जेल अधीक्षक के अनुसार, रिहा किए गए सभी 8 कैदियों का जेल में व्यवहार संतोषजनक रहा। उनके आचरण और जेल में बिताई गई अवधि को ध्यान में रखते हुए उनके मामलों की समीक्षा की गई। यह प्रक्रिया जेल नियमावली की धारा 358 के तहत की गई। समीक्षा बोर्ड की सिफारिश के बाद निर्धारित सजा अवधि पूरी होने से पहले इन कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, समयपूर्व रिहाई किसी एक आधार पर नहीं बल्कि निर्धारित नियमों और कैदी के आचरण समेत कई मापदंडों को ध्यान में रखकर की जाती है।

कलेक्टर और जेल अधीक्षक की रिपोर्ट अहम

समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया में संबंधित जिले के कलेक्टर और जेल अधीक्षक की रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जाता है। इन रिपोर्टों के आधार पर समीक्षा बोर्ड कैदी के आचरण, जेल में उसके व्यवहार और निर्धारित मापदंडों की समीक्षा करता है। इसके बाद पात्र पाए जाने पर समयपूर्व रिहाई की सिफारिश की जाती है। जेल प्रशासन ने दूसरे कैदियों से भी नियमों का पालन करने और जेल में अनुशासित व अच्छा व्यवहार बनाए रखने की अपील की है।

जेल में काम करके कमाई रकम भी मिली वापस

रिहाई के साथ कैदियों को जेल में काम करके अर्जित की गई पारिश्रमिक राशि भी वापस की गई। जिन कैदियों के बैंक खाते उपलब्ध थे, उनके खाते में उनकी कमाई की राशि ट्रांसफर की गई। वहीं जिनके बैंक खाते उपलब्ध नहीं थे, उन्हें चेक के माध्यम से भुगतान किया गया। इससे रिहा होने वाले कैदियों को जेल से बाहर नई जिंदगी शुरू करने में आर्थिक मदद भी मिलेगी।

14-15 साल बाद परिवार से मिलन

लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जब कैदियों ने बाहर कदम रखा तो उनके चेहरों पर राहत और भावुकता साफ नजर आई। करीब डेढ़ दशक बाद जेल से बाहर निकलना उनके लिए बेहद खास पल रहा। परिजनों ने जेल के बाहर उनका स्वागत किया। कई सालों के इंतजार के बाद परिवार से मुलाकात का यह क्षण भावुक कर देने वाला रहा।

स्वतंत्रता दिवस से पहले नई शुरुआत

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मिली यह रिहाई इन 8 कैदियों के लिए जिंदगी का नया अध्याय शुरू करने का मौका बन गई। लंबे समय तक सजा काटने के बाद अब वे परिवार के बीच लौट सके हैं। जेल प्रशासन की ओर से कहा गया कि कैदियों का अच्छा आचरण और नियमों का पालन समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अन्य बंदियों से भी इसी तरह अनुशासन और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखने की अपील की गई है।


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