इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में उस वक़्त हड़कप मच गया है। जब एक मरीज ने नशा मुक्ति केंद्र के वॉशरूम में फांसी लगाकर अपनी जान दे। युवक को एक महीने पहले ही गंभीर हालत में केंद्र में भर्ती करवाया गया था। जहां उसने यह कदम उठाया। इतना ही नहीं घटना के बाद केंद्र से 70 से ज्यादा मरीज मने गेट का ताला तोड़कर और बाउंड्रीवॉल फांदकर भाग गए। जिनकी तलाश की जा रही है।
भांग खाने का आदि था सचिन
जानकारी के अनुसार, अशोक नगर निवासी सचिन लोधी (23) भांग खाने का आदि था। इसलिए परिजनों ने उसे रिहेब सेंटर में भर्ती किया। करीब एक महीने के बाद उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह भी बताया जा रहा है कि सचिन से किसी को मिलने नहीं दिया जाता था।
मामला इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र का
इधर, सचिन के शव को फंदे से लटका देख अन्य मरीज घरबा गए और केंद्र छोड़कर भाग गए। जिसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को संज्ञान में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। मामला इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र का है।
परिजन ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप
परिजन ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भर्ती युवक की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन की थी। सचिन की निगरानी में चूक कैसे हुई और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच होनी चाहिए।
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की शुरू
थाना प्रभारी ने बताया- पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। केंद्र के CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। भागे 70 से अधिक मरीजों की तलाश की जा रही है। पुलिस परिजन से भी संपर्क कर रही है।