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छिंदवाड़ा किडनी फेलियर : छिंदवाड़ा में किडनी फेलियर से 6 बच्चों की मौत, 4 मासूम की हालत गंभीर

छिंदवाड़ा किडनी फेलियर : छिंदवाड़ा में किडनी फेलियर से 6 बच्चों की मौत, 4 मासूम की हालत गंभीर

छिंदवाड़ा किडनी फेलियर : छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में बच्चों की किडनी फेलियर से हुई मौतों के मामले में नया खुलासा हुआ है। नागपुर से आई बायोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक मृत बच्चों की किडनी में टॉक्सिन-प्रेरित इंजरी पाई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या संभवतः दूषित कफ सिरप के कारण हुई होगी।

रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन नंदुरकर ने बताया कि मृत बच्चों की जांच में एक ही तरह के कफ सीरप का इस्तेमाल सामने आया है। रिसर्च के आधार पर अनुमान है कि ऐसे सीरप में डाय-इथलीन ग्लाइकोल जैसे जहरीले रसायन की मिलावट हो सकती है, जो किडनी फेलियर का कारण बनता है।

अब तक की स्थिति

जिले में अब तक 15 बच्चे प्रभावित हुए हैं। इनमें से 6 की मौत हो चुकी है। जबकि 4 गंभीर बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है। गुरुवार को भी एक बच्चे को नागपुर रेफर किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने दो दवाओं—Coldrif और Nextro-DS सिरप—की बिक्री और उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी है। मेडिकल स्टोर्स को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों को केवल साधारण (प्लेन) सिरप ही उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार के कॉम्बिनेशन सिरप न बेचें।

जिला प्रशासन की एडवाइजरी

बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न दें। बुखार, सर्दी-खांसी होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाएं। झोलाछाप डॉक्टरों से बचें। हर छह घंटे में ध्यान दें कि बच्चा पेशाब कर रहा है या नहीं। उल्टी, सुस्ती या पेशाब रुकने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाते रहें। यदि बुखार दो दिन से अधिक रहे तो इलाज में देरी न करें।

परासिया विधायक की मांग 

परासिया ब्लाक में किडनी से फेल के मामले में परासिया विधायक ने कहा कि मृतक बच्चो के परिवारो को सरकार मुआबजा दे। साथ ही उन कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए, क्योंकि जिला कलेक्टर ने जिले में उन सीरप को बैन किया है, लेकिन दोनों सीरप पूरे देश में बिक रहे है। सरकार को तुरंत उन कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही करें। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि जो बच्चे नागपुर में भर्ती है, उन्हें तत्काल एयर एम्बुलेंस से दिल्ली एम्स भेजना चाहिए।


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