भोपाल : मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा इन दिनों अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में बने हुए है। जिसमे वो मंच पर खड़े होकर लाडली बहना योजना से महिलाओं के नाम काटने की बात कह रहे है। बयान को लेकर प्रदेश में जहां सियासत तेज हो गई है। तो वही दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री के बयान का विरोध करते हुए माफी की मांग की है।
उमंग ने बयान को बताया महिला-विरोधी मानसिकता
उमंग सिंघार ने बयान को महिला-विरोधी मानसिकता बताते हुए कहा कि भाजपा के तथाकथित सुशासन की असल तस्वीर उसके मंत्री स्वयं अपने बयानों से सामने ला रहे हैं। उमंग ने कहा कि लाड़ली बहनों के स्वाभिमान पर चोट करना भाजपा नेताओं की कार्यशैली बनती जा रही है। मंच पर महिलाओं को बुलाने की बात कहना और न आने पर “नाम काटने” जैसी धमकी देना सिर्फ गैर-जिम्मेदार बयान ही नहीं है, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और महिला-विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है। करण सिंह वर्मा को सभी बहनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
राजगढ़ में लाडली बहनों से माफी मांगी
इधर, बयान को लेकर उठाते बवाल को देखते हुए मंत्री करण सिंह वर्मा ने आज यानि की शुक्रवार को राजगढ़ में लाडली बहनों से माफी मांगते हुए कहा कि कौन माई का लाल बहनों का पैसा काटेगा, पैसा मिलता रहेगा, वही तो हमारी शक्ति है।
जानें क्या कहा था मंत्री जी ने
सीहोर जिले के धामंदा गांव में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंत्री करण सिंह वर्मा ने “लाड़ली बहना योजना” की लाभार्थी महिलाओं को मंच से चेतावनी दी कि यदि वे सरकारी कार्यक्रमों में नहीं आएंगी तो उनके नाम योजना से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कि धामंदा गांव में 894 लाड़ली बहनों को प्रति माह 1500 रुपये दिए जा रहे हैं लेकिन कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति कम है। उन्होंने कहा कि सभी बहनों को एक दिन बुलाया जाएगा और यदि वे कार्यक्रम में नहीं आई तो उनके नाम काट दिए जाएंगे।