नीमच। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने नीमच जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के दो अधिकारियों को 1 लाख रूपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से विभाग में जहां हड़कंप मच गया है। तो वही आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
लंबित वेतन जारी कराने के बदले मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, मामला जूनियर कन्या छात्रावास कुकड़ेश्वर से जुड़ा है। छात्रावास की अधीक्षिका ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि विभागीय जांच में अनुकूल सहयोग देने तथा लंबे समय से लंबित वेतन जारी कराने के बदले जिला संयोजक राकेश राठौर और उत्कृष्ट बालक छात्रावास नीमच के अधीक्षक हरीश चौहान ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी
शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त ने मामले में तुरंत एक्शन लिया और कार्यालय परिसर में दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस काम के लिए मांगे पैसे
मामले में जानकारी देते हुए लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि शिकायतकर्ता कुर्दुला एक्का, अधीक्षिका, जूनियर कन्या छात्रावास कुकड़ेश्वर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जांच में सहयोग करने तथा उनका लंबित वेतन जारी कराने के नाम पर जिला संयोजक राकेश राठौर और छात्रावास अधीक्षक हरीश चौहान द्वारा 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। आगे की कार्रवाई जारी है।