राजेश सोनी, डबरा : डबरा नगर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। एशिया का पहला भव्य नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर डबरा में बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है, जहां नौं ग्रह अपनी पत्नियों के साथ विराजमान होंगे। यह अनूठी विशेषता डबरा को धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिला रही है।
10 से 20 फरवरी तक चलेगा महोत्सव
नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा का महाआयोजन 10 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के पहले दिन 10 फरवरी को स्टेडियम ग्राउंड से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नवग्रह शक्तिपीठ पहुंचेगी। इस कलश यात्रा में लगभग 20 हजार महिलाओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
देशभर से पहुंचेगे संत-महापुरुष
इस धार्मिक आयोजन में देश के प्रसिद्ध संत और कथावाचक शामिल होंगे। मुख्य रूप से बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा, कवि कुमार विश्वास, दांती महाराज, पंडोखर धाम के पंडित गुरुशरण शर्मा, धूमेश्वर धाम, दंदरौआ धाम, रावतपुरा सरकार सहित कई अन्य संत-महात्मा इस महाकुंभ में सहभागिता करेंगे।
मुस्लिम समाज करेगा स्वागत
इस आयोजन की सबसे खास और सराहनीय बात यह है कि कलश यात्रा और साधु-संतों का स्वागत मुस्लिम समाज द्वारा किया जाएगा। यह निर्णय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समक्ष बैठक में लिया। इस पहल को नगर में आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक माना जा रहा है, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है।
भाईचारे की मिसाल बना डबरा
बैठक में शामिल मुस्लिम समुदाय के इमरान अहमद ने बताया कि कलश यात्रा के दौरान मुस्लिम समाज द्वारा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबरा हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे महान संतों और धार्मिक आयोजनों का स्वागत करना सौभाग्य की बात है।
तैयारियों को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूर्व मंडी अध्यक्ष मुकेश गौतम, पूर्व जिला ग्रामीण अध्यक्ष कौशल शर्मा, वीरेंद्र जैन, अनिल टाटा सहित नगर के कई प्रबुद्धजन मौजूद रहे। बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।