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करोड़ों की वक्फ संपत्ति पर किराया विवाद, रायपुर की दुकान खाली कराने का आदेश जारी

करोड़ों की वक्फ संपत्ति पर किराया विवाद, रायपुर की दुकान खाली कराने का आदेश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वक्फ संपत्ति से जुड़े एक मामले में राज्य वक्फ अधिकरण ने अहम आदेश जारी किया है। फूल चौक स्थित सुन्नी हनफी मस्जिद ट्रस्ट की पंजीकृत वक्फ दुकान को 45 दिनों के भीतर खाली कर संबंधित वक्फ संस्था को उसका कब्जा सौंपने का निर्देश दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के मुताबिक, इस संपत्ति का वर्तमान मूल्य करोड़ों रुपये में है। बोर्ड के अनुसार, दुकान के किराये और कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामले में समझौते की कोशिश भी की गई, लेकिन तय किराये पर सहमति नहीं बन सकी। अब अधिकरण के आदेश के बाद दुकान का कब्जा वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

45 दिनों के भीतर दुकान खाली करने का निर्देश

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अनुसार, यह आदेश 29 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ अधिकरण की पीठ ने पारित किया। पीठ में पीठासीन अधिकारी कमलेश कुमार जुर्री तथा सदस्य हामिद हुसैन खान और वीके राजपूत शामिल थे। आदेश में संबंधित वक्फ संपत्ति को 45 दिनों के भीतर खाली कराकर उसका कब्जा वक्फ संस्था को सौंपने का निर्देश दिया गया है। यह दुकान रायपुर के फूल चौक स्थित जीई रोड पर है और सुन्नी हनफी मस्जिद ट्रस्ट, नयापारा के नाम से पंजीकृत वक्फ संपत्ति बताई गई है।

वक्फ अधिनियम की धारा 54 के तहत हुई कार्रवाई

वक्फ बोर्ड के मुताबिक, दुकान पर अब्दुल मतीन सिद्दीकी, पिता अब्दुल जब्बार सिद्दीकी का कब्जा है। बोर्ड ने कब्जा खाली कराने के लिए वक्फ अधिनियम की धारा 54 के तहत कार्रवाई की थी। बोर्ड का कहना है कि वक्फ संपत्तियों से प्राप्त किराये का उपयोग संबंधित संस्था के हित में होना चाहिए। ऐसे में संपत्ति का कब्जा और उससे होने वाली आय का हिसाब महत्वपूर्ण है।

15 हजार रुपये मासिक किराये पर भी नहीं बनी सहमति

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मुताबिक, दुकान के किराये को लेकर कब्जाधारी के साथ समझौते का प्रयास किया गया था। बोर्ड ने दुकान का मासिक किराया 15 हजार रुपये तय करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई। डॉ. राज के अनुसार, बोर्ड की योजना दुकान में दो अतिरिक्त मंजिलें बनाकर उन्हें 35-35 हजार रुपये मासिक किराये पर देने की भी थी। हालांकि, इस प्रस्ताव पर भी सहमति नहीं बनी।

पास की दुकान से मिल रहा एक लाख रुपये किराया

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के दावे के अनुसार, पास स्थित दुकान से संस्था को करीब एक लाख रुपये किराया मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित दुकान का पुराना किराया 500 रुपये था और लंबे समय से उसका भुगतान नहीं किया जा रहा था। बोर्ड का कहना है कि संपत्ति का उचित किराया नहीं मिलने से संस्था को आर्थिक नुकसान हो रहा था। अब अधिकरण के आदेश के बाद दुकान को खाली कराने और उसका कब्जा संबंधित वक्फ ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।


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