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बुरहानपुर केस में बड़ा ट्विस्ट: जिस बेटी की हत्या मानकर पिता-भाई गए जेल, वो 22 दिन बाद लौटी जिंदा...

बुरहानपुर केस में बड़ा ट्विस्ट: जिस बेटी की हत्या मानकर पिता-भाई गए जेल, वो 22 दिन बाद लौटी जिंदा...

Burhanpur Shivani Case: मध्य प्रदेश के Burhanpur से सामने आए शिवानी हत्याकांड में बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। जिस युवती को मृत मानकर पुलिस ने उसके पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, वह 22 दिन बाद जिंदा लौट आई। इस घटना के बाद पुलिस जांच और शव की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला

जानकारी के मुताबिक, शिवानी नाम की युवती अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच चल ही रही थी कि करीब 10 दिन बाद महाराष्ट्र के जलगांव-जामोद इलाके में एक युवती का जला हुआ और सिर कटा शव मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था। जांच के दौरान महाराष्ट्र पुलिस ने Jalgaon Jamod पुलिस से संपर्क किया और गुमशुदा युवतियों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने दावा किया कि बरामद शव शिवानी का ही है।

पिता और भाई को हत्या के आरोप में भेजा जेल

शव की पहचान के बाद पुलिस ने शिवानी के पिता बापूराव और भाई अजय को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस का आरोप था कि परिवार प्रेम प्रसंग से नाराज था और इसी वजह से शिवानी की हत्या कर शव को जला दिया गया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर महाराष्ट्र के Buldhana जेल भेज दिया गया। पिछले 22 दिनों से पिता और पुत्र हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं।

जिंदा लौटकर थाने पहुंची शिवानी

मामले में उस समय सनसनी फैल गई जब शिवानी खुद जिंदा थाने पहुंच गई। बताया जा रहा है कि उसे सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि उसके पिता और भाई हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। इसके बाद वह सीधे पुलिस स्टेशन पहुंची और खुद के जीवित होने की जानकारी दी। पुलिस भी उसे देखकर हैरान रह गई। शिवानी के जिंदा मिलने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।

पुलिस जांच पर उठे सवाल

शिवानी के जिंदा लौटने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिस शव को शिवानी का बताया गया था, वह किसका था? साथ ही बिना पुख्ता पहचान के पुलिस ने पिता और भाई को हत्या के आरोप में कैसे गिरफ्तार कर लिया? अब पुलिस पूरे मामले की दोबारा जांच में जुट गई है। वहीं, जेल में बंद पिता और भाई की रिहाई को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

मामले में आगे क्या?

इस घटना ने पुलिस की जांच प्रणाली और शव की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस असली मृतका की पहचान कैसे करती है और गलत गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।


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