प्रमोद कुशवाहा, मैहर: मैहर में एक आदिवासी किसान की मौत के बाद भूमि विवाद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। परिजनों का आरोप है कि वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर लगाने और कई अदालतों से उनके पक्ष में आदेश मिलने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। अब किसान की मौत के बाद परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया है।
मैहर जिले में अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग और आदिवासी किसान सहेश सिंह गोंड के बीच वर्षों से चल रहे भूमि विवाद ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपनी करीब 13 एकड़ भूमि और उसके प्रतिफल की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे सहेश सिंह गोंड का निधन हो गया।
परिजनों का आरोप है कि इस मामले में एसडीएम न्यायालय, कलेक्टर न्यायालय, संभागायुक्त न्यायालय, राजस्व मंडल सहित विभिन्न न्यायालयों से उनके पक्ष में आदेश पारित हुए। उनका यह भी दावा है कि उच्च न्यायालय ने भी उद्योग के विरुद्ध कार्रवाई संबंधी निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो भूमि का उचित प्रतिफल मिला और न ही आदेशों का प्रभावी पालन कराया गया।
परिवार का कहना है कि लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी उनकी भूमि का उचित मुआवजा और न्याय नहीं मिला। इसी संघर्ष के बीच सहेश सिंह गोंड का निधन हो गया, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने प्रशासन और उद्योग के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। फिलहाल इस पूरे मामले में अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।