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BHOPAL NEWS : भोपाल में ई-बसों की संख्या हुई 20, इन रुट्स पर आज से दौड़ेंगी बसें, दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था

BHOPAL NEWS : भोपाल में ई-बसों की संख्या हुई 20, इन रुट्स पर आज से दौड़ेंगी बसें, दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था

भोपाल : भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। शहर में आज से 10 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है। जिसके चलते अब शहर में ई-बसों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।

आधुनिक सुविधा से लेस बस

पीएम ई-बस सेवा जहां अधिनिक सुविधा से लेस है। तो वही दिव्यांगजनों के लिए बस में हाइड्रोलिक डोर लगाएं गए हैं, जिनकी मदद से व्हीलचेयर और ट्राइसिकल के साथ बस में चढ़ना और उतरना आसान होगा। डोर के सामने पर्याप्त जगह रखी गई है, जहां एक साथ दो व्हीलचेयर या ट्राइसिकल खड़ी की जा सकती हैं। इतना ही नहीं इस बस में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पैनिक बटन, फायर अलार्म और अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे सहित पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम, पैसेंजर इंफार्मेशन डिस्प्ले, डिजिटल टिकटिंग सिस्टम, जीपीएस ट्रैकिंग सुविधा दी गई है। 

भोपाल ई-बस के रूट 

मिली जानकारी के अनुसार, इस नई ई-बसों को तीन प्रमुख रूट पर चलाया जाएगा। B35 रूट चिरायु अस्पताल, बैरागढ़ से शुरू होकर आकृति ईको सिटी और सलैया तक जाएगा। इस रास्ते में लालघाटी, कलेक्ट्रेट, हमीदिया अस्पताल, रॉयल मार्केट, पीर गेट, कमला पार्क, रोशनपुरा, बोर्ड ऑफिस, MP नगर मेट्रो स्टेशन, विट्ठन मार्केट, 1100 क्वार्टर, रोहित नगर और बावड़िया चौराहा जैसे इलाके आएंगे। B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक रहेगा। इस रूट पर भोपाल रेलवे स्टेशन, अशोका गार्डन, सुभाष नगर, चेतक ब्रिज, बोर्ड ऑफिस, MP नगर मेट्रो स्टेशन, 1100 क्वार्टर, मनीषा मार्केट, बंसल अस्पताल, चूनाभट्टी, मंदाकिनी चौराहा और नयापुरा जैसे प्रमुख इलाके जुड़ेंगे।

नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा 

ई-बसों के बढ़ते नेटवर्क से भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों को भी इस सेवा से जोड़ने की योजना के तहत नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

यात्रियों को मिलेगी  राहत

नई ई-बसों के जुड़ने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने के साथ निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है। इससे शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

 

 

 

 


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