नया रायपुर में लंबे समय से प्रस्तावित तहसील कार्यालय के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार सेक्टर-19 स्थित पर्यावास भवन में तहसील कार्यालय शुरू करने की तैयारी चल रही है। कार्यालय शुरू होने के बाद आसपास के ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए रायपुर या अन्य तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
39 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
नवा रायपुर को स्वतंत्र तहसील का दर्जा मिलने के बाद यहां के 39 गांवों को नई प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ मिलेगा। इन गांवों के निवासियों को नामांतरण, सीमांकन, नक्शा, खसरा, बी-1 और अन्य राजस्व कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर होने की उम्मीद है।
20 पटवारी हल्कों को किया गया शामिल
नई तहसील के गठन में छह राजस्व निरीक्षक मंडलों के अंतर्गत आने वाले 20 पटवारी हल्कों को शामिल किया गया है। इनमें पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेरी, रायपुर-18 और कांदुल क्षेत्र के विभिन्न पटवारी हल्के शामिल हैं। प्रशासनिक दृष्टि से यह क्षेत्र अब नवा रायपुर तहसील के अधीन कार्य करेगा।
कई तहसीलों की सीमाओं में हुआ बदलाव
नवा रायपुर अटल नगर तहसील के गठन के लिए रायपुर, मंदिर हसौद, गोबरा नवापारा और अभनपुर तहसीलों की सीमाओं में संशोधन किया गया है। नई तहसील में पलौद, परसदा, पसौद, चरौदा, खपरी, मंदिर हसौद, केंद्री, उपरवारा, तोरला, बंजारी, सेरीखेरी, टेमरी, धरमपुरा, माना समेत कुल 39 गांवों को शामिल किया गया है।
दावा-आपत्तियों का हुआ निराकरण
नई तहसील के गठन को लेकर जारी अधिसूचना के बाद शासन ने सुझाव और दावा-आपत्तियां आमंत्रित की थीं। निर्धारित अवधि में प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण कर उनका निराकरण कर दिया गया है। इसके बाद तहसील कार्यालय शुरू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
अधिकारियों के अनुसार तहसील कार्यालय के संचालन को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एनआरडीए द्वारा कार्यालय के लिए भवन चिन्हित कर दिया गया है। हालांकि कार्यालय के औपचारिक संचालन की तिथि अभी तय नहीं की गई है, लेकिन तैयारियां अंतिम चरण में बताई जा रही हैं।