छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक छात्र के शैक्षणिक भविष्य को प्राथमिकता देते हुए उसे NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की पीठ ने रायपुर प्रशासन और जेल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्र को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जाए और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस जेल लाया जाए।
आपराधिक मामले में जेल में बंद है छात्र
मामला रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां छात्र कुणाल तरुनाकर के खिलाफ एक आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर केंद्रीय जेल में रखा गया है। हालांकि मामले में अभी तक जांच एजेंसी द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसके चलते प्रकरण की अगली सुनवाई बाद में तय की गई है।
परीक्षा में शामिल होने के लिए लगाई थी गुहार
छात्र की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। याचिका में बताया गया कि छात्र का NEET 2026 का प्रवेश पत्र जारी हो चुका है और वह निर्धारित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने का पात्र है। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान कर दी।
पढ़ाई जारी रखने के भी दिए निर्देश
हाईकोर्ट ने केवल परीक्षा में शामिल होने की अनुमति ही नहीं दी, बल्कि जेल प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि छात्र को जेल में अध्ययन के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। अदालत का मानना है कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान भी छात्र की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए और उसे अपनी तैयारी जारी रखने का अवसर मिलना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था के साथ होगी परीक्षा में भागीदारी
कोर्ट के आदेश के अनुसार छात्र को पुलिस सुरक्षा में परीक्षा केंद्र ले जाया जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि छात्र बिना किसी बाधा के परीक्षा दे सके। यह फैसला शिक्षा के अधिकार और न्यायिक संवेदनशीलता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।