रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आधिकारिक निवास पर देर रात आयोजित हाईलेवल बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अचानक बुलावे पर कई मंत्रियों को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर रायपुर पहुंचना पड़ा।
देर रात तक चली अहम बैठक
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री निवास में बैठक रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई और देर रात 1:40 बजे समाप्त हुई। लगभग साढ़े चार घंटे चली इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ सभी कैबिनेट मंत्री, प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मौजूद रहे।बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रियों के प्रदर्शन, प्रशासनिक गतिविधियों और संगठन के साथ समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मंत्रियों के कामकाज की हुई समीक्षा
सूत्रों के अनुसार बैठक में मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सुशासन तिहार को लेकर फीडबैक भी लिया गया। विभिन्न जिलों में मंत्रियों की सक्रियता, जनता से संवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में दौरे कम होने को लेकर संगठन स्तर पर नाराजगी भी व्यक्त की गई। सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कोरिया हत्याकांड समेत कई मुद्दों पर मंथन
बैठक में हाल ही में चर्चा में रहे कोरिया हत्याकांड सहित अन्य संवेदनशील और सामयिक घटनाओं पर भी चर्चा हुई। कानून-व्यवस्था की स्थिति, आपराधिक मामलों और सरकार की छवि से जुड़े विषयों पर संगठन के नेताओं ने अपनी राय रखी। सूत्रों के मुताबिक कुछ आपराधिक घटनाओं को लेकर संगठन स्तर पर असंतोष भी सामने आया, जिस पर सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई।
कैबिनेट फेरबदल पर क्या बोले मंत्री?
बैठक के बाद मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर जब सवाल पूछा गया तो कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाएं केवल अटकलें हैं।