MP Weather News: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार को तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने बैतूल, दमोह, टीकमगढ़, राजगढ़ और नरसिंहपुर जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन पांच जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार बैतूल, दमोह, टीकमगढ़, राजगढ़ और नरसिंहपुर में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें।
इन जिलों में येलो अलर्ट
राज्य के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मंडला, जबलपुर, कटनी, पन्ना, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, हरदा, गुना, आगर-मालवा और शाजापुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर पूरे दिन जारी रह सकता है।
खराब मौसम के दौरान बरतें ये सावधानियां
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि गरज-चमक के समय खुले स्थानों पर जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले खेतों में रुकना जोखिम भरा हो सकता है। यदि संभव हो तो सुरक्षित भवन के अंदर रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के स्रोत से अलग कर दें। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाले मार्गों से बचने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों के लिए विशेष सलाह
पशुपालकों को खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले मैदान, नदी या तालाब के किनारे नहीं छोड़ना चाहिए। उन्हें सुरक्षित शेड में रखें और पेड़ों के नीचे बांधने से बचें। साथ ही पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। भारी बारिश के दौरान सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।