रायपुर: छत्तीसगढ़ के सबसे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक आपराधिक मामलों में से एक जग्गी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में आरोपी अमित जोगी की याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इस सुनवाई से यह तय होगा कि उन्हें राहत मिलेगी या जेल जाना पड़ेगा।
दो याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई
अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिन पर एक साथ सुनवाई की जा रही है। पहली याचिका में CBI को अपील करने की अनुमति को तकनीकी आधार पर चुनौती दी गई है। दूसरी याचिका में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें उन्हें हत्या की साजिश का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जोगी के वकील आज अदालत में सजा पर रोक या उसे निरस्त करने की मांग रखेंगे।
जेल या बेल: फैसले पर टिकी निगाहें
आज की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती है तो अमित जोगी के लिए यह बड़ी कानूनी जीत होगी। वहीं, अगर हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रहता है, तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। राजनीतिक और कानूनी गलियारों में इस मामले को लेकर जबरदस्त हलचल है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब NCP नेता राम अवतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को एक बड़ी राजनीतिक साजिश से जोड़कर देखा गया। करीब 23 साल पुराने इस केस में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वर्ष 2026 में अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
राजनीतिक और कानूनी महत्व
यह केस सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाले समय में कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, लेकिन मामले की अंतिम स्थिति सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगी।