छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के ग्रामीण जोन कार्यालय में छापा मारकर तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में CSEB के जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। एक साथ तीन कर्मचारियों के पकड़े जाने से विभागीय दफ्तर में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई पहले से मिली शिकायत के आधार पर की गई। आवेदक ने आरोप लगाया था कि हाई टेंशन लाइन विस्तार से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के लिए उससे रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने योजना बनाकर ट्रैप बिछाया और तय समय पर दबिश देकर आरोपियों को रकम लेते ही मौके पर धर दबोचा।
शिकायत के बाद ACB ने रची पूरी योजना
मामले में शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पहले पूरे प्रकरण की पड़ताल की। शुरुआती जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद अधिकारियों ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति तैयार की। इसके तहत शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ भेजा गया और टीम ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
जैसे ही आरोपियों ने 35 हजार रुपये की राशि ली, ACB की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई को पूरी तरह ट्रैप ऑपरेशन के तहत अंजाम दिया गया, ताकि रिश्वतखोरी के आरोपों को मौके पर ही साबित किया जा सके।
CSEB ग्रामीण जोन कार्यालय में हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि ACB की टीम ने छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के ग्रामीण जोन कार्यालय में दबिश दी। इस दौरान जेई राजेंद्र शुक्ला, एई विजय नोरगे और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी भी हैरान रह गए।
टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है। इसके साथ ही जरूरी कागजी कार्रवाई और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई मजबूत आधार पर की जा सके।
हाई टेंशन लाइन विस्तार के काम के बदले मांगी गई थी घूस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपियों ने हाई टेंशन लाइन विस्तार से संबंधित काम के एवज में आवेदक से पैसे की मांग की थी। सरकारी प्रक्रिया पूरी करने और काम को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगना ही इस कार्रवाई की मुख्य वजह बना।
शिकायतकर्ता ने जब इस बारे में ACB को जानकारी दी, तब एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल ट्रैप की तैयारी की। इस ऑपरेशन के बाद साफ हो गया कि काम के बदले रकम लेने की शिकायत महज आरोप नहीं थी, बल्कि मौके पर पकड़े जाने से मामला और मजबूत हो गया।
रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी
ACB की टीम ने आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह रिश्वत का एक अकेला मामला था या फिर इससे पहले भी इसी तरह की मांग की जाती रही थी। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर सकती हैं कि कहीं विभाग में रिश्वतखोरी का कोई बड़ा पैटर्न तो सक्रिय नहीं है।
मौके से बरामद राशि और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में जांच के दौरान इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।
विभाग में मचा हड़कंप
JE, AE और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे तीन कर्मचारियों के एक साथ पकड़े जाने से विभाग के भीतर हलचल बढ़ गई है। ACB की कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सरकारी दफ्तरों में काम के बदले रिश्वत मांगने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है।