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15 साल पुराने सरकारी राशि गबन मामले में बड़ा एक्शन, पूर्व वन रेंजर के खिलाफ 1000 पन्नों का चालान पेश

15 साल पुराने सरकारी राशि गबन मामले में बड़ा एक्शन, पूर्व वन रेंजर के खिलाफ 1000 पन्नों का चालान पेश

बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में करीब डेढ़ दशक पुराने कथित सरकारी राशि गबन मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी चिरमिरी एस.सी. सोनी के खिलाफ विशेष न्यायालय, बैकुंठपुर में करीब 1000 पन्नों का अभियोग-पत्र दाखिल किया है।

मामला वन मंडल कोरिया के बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि विभागीय कार्यों में लगे श्रमिकों के नाम पर फर्जी अंगूठा निशान और हस्ताक्षर लगाकर कूटरचित मस्टर रोल एवं भुगतान प्रमाणक तैयार किए गए और इनके आधार पर सरकारी राशि का कथित तौर पर अनधिकृत आहरण किया गया।

2001 से 2007 के बीच हुए कथित फर्जीवाड़े की शिकायत

इस मामले की शिकायत वन परिक्षेत्र कार्यालय में पदस्थ लिपिक संतोष कुमार मलिक ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की थी। शिकायत के अनुसार, जनवरी 2001 से दिसंबर 2007 के बीच विभागीय कार्यों से जुड़े मस्टर रोल और भुगतान दस्तावेजों में बड़ी संख्या में श्रमिकों के फर्जी अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर इस्तेमाल किए गए। शिकायत के बाद ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की।

जांच में पूर्व अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप

जांच के दौरान तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी एस.सी. सोनी और तत्कालीन वनपाल रामबहादुर सिंह पर कर्मचारियों के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी मस्टर रोल और भुगतान प्रमाणक तैयार कराने के आरोप सामने आए। ब्यूरो की जांच में दावा किया गया कि श्रमिकों के नाम पर तैयार किए गए कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी धन का अनधिकृत भुगतान और कथित गबन किया गया।

2010 में दर्ज हुआ था मामला

जांच के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 3 जुलाई 2010 को अपराध क्रमांक 25/2010 दर्ज किया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। मामले में धारा 120बी, 420, 409, 467, 468 और 471 IPC तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(सी) सहपठित धारा 13(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

करीब 1000 पन्नों में पेश किया गया अभियोग-पत्र

लंबी चली विवेचना के दौरान ब्यूरो ने कथित फर्जी मस्टर रोल, भुगतान प्रमाणकों और अन्य दस्तावेजों के साथ संबंधित साक्ष्यों को जुटाया। जांच पूरी होने के बाद एस.सी. सोनी के खिलाफ विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), बैकुंठपुर में करीब 1000 पन्नों का अभियोग-पत्र पेश किया गया। इस कार्रवाई के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

एक आरोपी की हो चुकी है मौत

मामले में नामजद तत्कालीन वनपाल रामबहादुर सिंह की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया की स्थिति अलग होगी, जबकि एस.सी. सोनी के खिलाफ अभियोग-पत्र अदालत में पेश किया गया है।


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