सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बच्चों के लिए संचालित छतरंग बालक आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आश्रम के निरीक्षण के दौरान दर्ज संख्या के मुकाबले काफी कम बच्चे मौजूद मिले। जानकारी के मुताबिक, आश्रम में कुल 48 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन निरीक्षण के समय केवल 16 बच्चे ही वहां मिले। इसके अलावा आश्रम अधीक्षक की कथित अनुपस्थिति और बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं।
48 बच्चों में सिर्फ 16 मिले मौजूद
निरीक्षण के दौरान आश्रम में बच्चों की उपस्थिति को लेकर स्थिति सामने आई। आश्रम के रिकॉर्ड में 48 बच्चों के दर्ज होने की बात कही जा रही है, जबकि मौके पर केवल 16 बच्चे मौजूद मिले। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के अनुपस्थित मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अनुपस्थित बच्चों के संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
मच्छरदानी, बेड और पीने के पानी की व्यवस्था पर सवाल
आश्रम में बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें की गई हैं। आरोप है कि बच्चों के लिए पर्याप्त बेड और मच्छरदानियां उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।
गंदे तालाब में नहाते नजर आए बच्चे
मामले को लेकर सामने आए एक वीडियो ने भी आश्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कुछ बच्चे तालाब के पानी में नहाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि तालाब का पानी साफ नहीं है। ऐसे पानी में नहाने से बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने की आशंका के साथ ही गहरे पानी में दुर्घटना का खतरा भी बना रह सकता है।
अधीक्षक की कथित गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
आश्रम की व्यवस्थाओं के साथ-साथ वहां तैनात अधीक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि अधीक्षक अक्सर आश्रम में मौजूद नहीं रहते। ऐसे में बच्चों की नियमित निगरानी और उनकी जरूरतों की देखभाल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है।
सरपंच ने कलेक्टर से जांच की मांग की
मामले को गंभीरता से लेते हुए सरपंच सुभाष सिंह मरकाम ने कलेक्टर से शिकायत की है। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं और बच्चों की स्थिति की पूरी जांच कराने की मांग की है। सरपंच ने लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग भी रखी है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल आश्रम में बच्चों की अनुपस्थिति, बुनियादी सुविधाओं की कमी और अधीक्षक की कथित गैरमौजूदगी को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कितने आरोप सही हैं। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए आश्रम की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।