Khargone Bank Scam: मध्य प्रदेश के खरगोन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंदर एक बड़े वित्तीय घोटाले और गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक की ठिबगांव शाखा में करीब 41.58 लाख रुपये की भारी नकदी का हेरफेर पकड़ा गया है। इस महा-घोटाले की भनक लगते ही सहकारिता महकमे और बैंक मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंध संचालक संध्या रोकड़े ने एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी कैशियर सहित तीन जिम्मेदार बैंक अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
गायब हुई महिला कैशियर
यह पूरा घोटाला उस वक्त बेनकाब हुआ जब ठिबगांव शाखा में रूटीन ऑडिट और दैनिक कैश बॉक्स के मिलान की प्रक्रिया चल रही थी। रिकॉर्ड और तिजोरी में मौजूद नकदी के बीच 41 लाख 58 हजार रुपये का अंतर पाया गया। जैसे ही गबन की बात सार्वजनिक हुई, शाखा की मुख्य कैशियर रितु गोयल बिना किसी आधिकारिक सूचना या अवकाश के अचानक बैंक से लापता हो गईं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है, जिससे उन पर शक की सुई और गहरी हो गई है।
कर्मचारियों पर गाज, एकाउंट्स फ्रीज
एमडी संध्या रोकड़े द्वारा जारी निलंबन आदेश के तहत कस्टडी और सुपरविजन में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन अधिकारी-कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है।
रितु गोयल (फरार कैशियर)
त्रयम्बक वाणी (सहायक गणक )
राजेश राठौर (शाखा प्रबंधक )
दोषियों से होगी वसूली
इस पूरे बैंकिंग फ्रॉड को लेकर बैंक एमडी संध्या रोकड़े ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने मीडिया को दिए अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि सहकारी बैंक में किसानों और आम जनता का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। ठिबगांव शाखा में हुए 41.58 लाख रुपये के इस गबन के मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हमने विभागीय जांच दल का गठन कर मौके पर भेज दिया है, जिसने ऑडिट शुरू कर दिया है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस को भी एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित सूचना दे दी गई है। दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनके सेवा रिकॉर्ड और संपत्तियों से गबन की गई पूरी राशि की वसूली की जाएगी।