भोपाल : भारत में बकरीद का त्योहार इस बार 28 मई को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर मुस्लिम वर्ग में जहां खुशी की लहर है। तो वही दूसरी तरफ त्योहार को लेकर बाजारों में अलग तरह की रौनक देखने को मिल रही है। इसी बीच क़ुरबाई को लेकर हिन्दू समाज के लोगों ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से ईको फ्रेंडली बकरीद मनाने की अपील की है। ताकि पानी की बचत हो और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
आर्टिफिशियल बकरा काटें की अपील
आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर्व को मद्देनजर रखते हुए भोपाल के संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मुस्लिम समाज से इको फ्रेंडली बकराईद मनाने की मांग करते हुए आर्टिफिशियल बकरा काटें की अपील की है।
इकोफ्रेंडली होली , दिवाली तो बकराईद क्यों नहीं
तिवारी ने आगे कहा कि वर्तमान समय में जब लोग इकोफ्रेंडली होली , दिवाली और गणेश चतुर्थी माना सकते है। तो बकराईद क्यों नहीं। इससे पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव और पशु कल्याण को बढ़ावा मिलेगा और पशु हत्या से बचा जा सकेगा।
पर्यावरण की रक्षा हिन्दू -मुस्लिम सभी की जिम्मेदारी
चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि कुर्बानी के दौरान खून को साफ करने के लिए हजारों लीटर पानी बहाया जाता है। साथ ही पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। इसलिए संस्कृति बचाओ मंच ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से ईको फ्रेंडली बकरीद मनाने का आग्रह किया है। तिवारी का कहना है कि पर्यावरण की रक्षा हिन्दू हो या मुस्लिम सभी की जिम्मेदारी है।
2 आर्टिफिशियल बकरे बिक चुके
इसी के चलते हमने 12 आर्टिफिशल बकरे बनाए हैं। इसमें से 2 आर्टिफिशियल बकरे बिक चुके हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वो इको फ्रेंडली बकरा ही काटें।