होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

वृंदावन में छाया कुरूद का कथक, सिया शर्मा ने जीता पहला स्थान

वृंदावन में छाया कुरूद का कथक, सिया शर्मा ने जीता पहला स्थान

वृंदावन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में कुरूद की युवा नृत्यांगना सिया शर्मा ने अपनी कथक प्रस्तुति से खास पहचान बनाई। ब्रज रास कृष्ण कला सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में सिया ने कथक नृत्य श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से कुरूद के साथ पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है।

2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित महोत्सव में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से आए प्रतिभागियों ने भी विभिन्न कला विधाओं में हिस्सा लिया। इसी मंच पर सिया ने कथक की प्रस्तुति देकर निर्णायकों का ध्यान अपनी ओर खींचा और प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।

गुरु के मार्गदर्शन में कथक की साधना

सिया शर्मा लंबे समय से कथक का प्रशिक्षण ले रही हैं। वह कुरूद स्थित गीतांजलि संगीत कला केंद्र में गुरु जुगराज बाग के मार्गदर्शन में कथक की बारीकियां सीख रही हैं। कला के साथ पढ़ाई में भी सिया की रुचि रही है। वह वर्तमान में विद अंतिम की छात्रा हैं। लगातार अभ्यास और मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए उन्होंने कथक में अपनी अलग पहचान बनाई है।

नेपाल से पुरी तक मंचों पर दिखा हुनर

वृंदावन से पहले भी सिया कई प्रतिष्ठित मंचों पर कथक की प्रस्तुति दे चुकी हैं। नेपाल, वाराणसी, उज्जैन और पुरी सहित अलग-अलग स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में उन्होंने हिस्सा लिया है। इन मंचों पर भी सिया को पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं। उनकी हालिया उपलब्धि को इसी निरंतर साधना और मंचीय अनुभव का परिणाम माना जा रहा है।

मां के संस्कारों की भी हुई चर्चा

सिया की सफलता पर कार्यक्रम से जुड़े अतिथियों और सामाजिक पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए आगे भी बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सिया की मां और शिक्षिका सुमन शर्मा के योगदान की भी सराहना की गई। बताया गया कि सिया को शिक्षा के साथ कला और संस्कारों से जोड़ने में उनकी मां की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वहीं सिया के दिवंगत पिता पत्रकार स्व. कमलेश शर्मा थे। वृंदावन में मिली यह उपलब्धि सिया के लिए एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनकी इस सफलता ने स्थानीय स्तर पर युवा प्रतिभाओं को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरणा दी है।


संबंधित समाचार