Jitu Patwari Vidisha: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर मचे घमासान के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को अचानक विदिशा की कृषि उपज मंडी पहुंचे। जहां पटवारी का एक अलग और जमीनी अंदाज देखने को मिला। उन्होंने न केवल किसानों की समस्याएं सुनीं, बल्कि कतारों में खड़े अन्नदाताओं के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी किया। कृषि मंत्री के गृह जिले में पटवारी के इस दौरे ने राज्य की सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है।
जाना किसानों का दर्द
मंडी पहुंचे जीतू पटवारी सीधे उन किसानों के पास जा पहुंचे जो पिछले कई घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। पटवारी ट्रैक्टर पर चढ़ गए और वहां मौजूद किसानों से गेहूं के भाव और मंडियों की व्यवस्था पर चर्चा की। किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि समर्थन मूल्य के दावों के बावजूद उन्हें फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है और वे व्यापारियों को कम दाम में अनाज बेचने को मजबूर हैं।
"ये किसानों का शोषण वर्ष है"
सरकार के 'किसान कल्याण वर्ष' मनाने के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए पटवारी ने कहा कि धरातल पर यह 'किसान शोषण वर्ष' साबित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान आज अपनी ही उपज बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है। सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन हकीकत यह है कि किसान को उसकी मेहनत का सही दाम तक नहीं मिल पा रहा। योजनाएं केवल विज्ञापनों और कागजों तक सीमित हैं।
जमीन पर बैठकर किया भोजन
राजनीतिक नारेबाजी से दूर जीतू पटवारी ने मंडी में किसानों के साथ काफी समय बिताया। उन्होंने किसानों द्वारा घर से लाए गए साधारण भोजन को उनके साथ जमीन पर बैठकर साझा किया। पटवारी ने कहा कि उनका मकसद राजनीति करना नहीं, बल्कि उस अन्नदाता की आवाज बनना है जिसकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पा रही है।
सियासी गलियारों में हलचल
विदिशा, जो कि भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, वहां पटवारी का यह दौरा कांग्रेस की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पटवारी ने चेतावनी दी है कि यदि 10 अप्रैल से शुरू होने वाली खरीदी में किसानों को परेशानी हुई या उन्हें उचित दाम नहीं मिला, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी।