जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित स्लीपर सेल के सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पंजाब निवासी 23 वर्षीय सेवक सिंह के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ महीनों से अकलतरा में किराएदार बनकर रह रहा था। पुलिस का दावा है कि आरोपी संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जानकारी पाकिस्तान स्थित संदिग्ध संपर्कों तक पहुंचा रहा था।
किरायेदार सत्यापन अभियान में हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर जिले में किरायेदार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान अकलतरा पुलिस की टीम ने मिनी माता चौक स्थित एक मकान में रह रहे सेवक सिंह की जांच की। पूछताछ के दौरान उसके व्यवहार पर संदेह होने पर मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। प्रारंभिक जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, वीडियो कॉलिंग और व्हाट्सएप चैट के जरिए संदिग्ध विदेशी नंबरों से संपर्क होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के ISI नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका मजबूत हुई।
सोशल मीडिया के जरिए बना संपर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर ISI से संबंधित वीडियो देखता था। इसी दौरान उसे कुछ नंबर मिले, जिन पर उसने अपनी जानकारी साझा की। इसके बाद कथित तौर पर उसे 20 हजार रुपये भेजे गए और विभिन्न स्थानों की लोकेशन तथा वीडियो उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अकलतरा स्थित JSW पावर प्लांट के अलावा बिलासपुर जिले के सीपत स्थित NTPC परियोजना की लोकेशन और वीडियो भी साझा किए थे।
संवेदनशील जानकारियां भेजने का आरोप
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील प्रतिष्ठानों, वाहनों और अन्य स्थानों की जानकारी संदिग्ध नंबरों पर भेजी थी। मोबाइल फोन से मिले चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि ISI किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से लगातार संपर्क के संकेत मिले हैं और मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है।
ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की भी आशंका
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पंजाब जाने पर पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार या अन्य संदिग्ध सामग्री भेजे जाने की संभावित योजना से जुड़े संकेत मिले हैं। इन सामग्रियों का उपयोग टारगेट किलिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था। हालांकि, इन सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है और पुलिस डिजिटल एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की पुष्टि करने में जुटी है।
ATS और फॉरेंसिक टीम भी करेगी जांच
जांजगीर-चांपा पुलिस ने मामले की जानकारी एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) को भी दे दी है। वहीं, आरोपी के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।