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Jhabua Murder: झाबुआ में महंगे शौक, ऐशो आराम के लिए की मासूम की हत्या..

Jhabua Murder: झाबुआ में महंगे शौक, ऐशो आराम के लिए की मासूम की हत्या..

Jhabua Murder: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। पेटलावद ब्लॉक के ग्राम कोदली में बीते 5 मई को हुई सनसनीखेज चोरी और अंधे कत्लकांड का पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने महंगे शौक, ऐशो-आराम और अय्याशी की लत को पूरा करने के लिए सगे भांजों ने ही अपनी मौसी के घर पर धावा बोला था। इस दौरान आरोपियों ने महज 6 साल के मासूम बच्चे की फावड़े से काटकर निर्मम हत्या कर दी और अपनी ही मौसी को अधमरा कर घर में रखी नकदी और जेवरात लूट लिए।

सूने घर को बनाया निशाना

झाबुआ एसपी देवेंद्र पाटीदार ने मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि घटना 5 मई की दोपहर की है। कोदली गांव के रहने वाले कुशालसिंह नायक और उनके परिवार के अन्य सदस्य गुजरात में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घर पर सिर्फ उनकी बुजुर्ग मां रमिला बाई और उनका 6 वर्षीय पोता उत्कर्ष अकेले थे। 

फावड़े से ताबड़तोड़ हमला

आरोपियों को पहले से खबर थी कि घर खाली है। दोपहर करीब 2 बजे आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू नायक (निवासी छायन, राणापुर) और चिराग नायक (निवासी कोदली) बहाने से घर में घुसे। वे मासूम उत्कर्ष को बहला-फुसलाकर ऊपरी मंजिल के कमरे में ले गए और वहां फावड़े से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

चीख सुनकर दौड़ी मौसी, तो निकाल दी आंख

कमरे से आई आवाज को सुनकर जब बुजुर्ग मौसी रमिला बाई ऊपर पहुंचीं, तो भांजों को खून से सने फावड़े के साथ देखकर दंग रह गईं। खुद को फंसता देख दोनों दरिंदों ने अपनी सगी मौसी पर भी जानलेवा हमला बोल दिया। हमला इतना बर्बर था कि मारपीट के दौरान बुजुर्ग महिला की एक आंख तक बाहर निकल आई। आरोपी महिला को मरा हुआ समझकर घर में रखे कीमती आभूषण और नकदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। दोपहर 3 बजे जब ग्रामीणों को इस कत्लेआम की भनक लगी, तो पूरे अंचल में दहशत और भारी आक्रोश फैल गया।

घायल दादी ने इशारों में खोला राज

इस अंधे कत्लकांड को सुलझाने के लिए एसपी देवेंद्र पाटीदार ने पेटलावद पुलिस और मुखबिर तंत्र को पूरी तरह एक्टिव कर दिया था। इस पूरे मामले को सुलझाने में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही घायल दादी रमिला बाई की भूमिका सबसे बड़ी रही। होश में आने के बाद गंभीर रूप से घायल रमिला ने पुलिस को इशारों-इशारों में हमलावर रिश्तेदारों के हुलिए और नाम की तरफ इशारा किया। कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने घेराबंदी की और दोनों नामजद आरोपियों जितेंद्र और चिराग को दबोच लिया।

महंगे शौक और अय्याशी के लिए बने हैवान

पुलिस कस्टडी में आते ही दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने जो वजह बताई, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। आरोपियों ने बताया कि वे बेहद खर्चीली जिंदगी जीने के आदी हैं। महंगे शौक, अय्याशी और सट्टे-नशे की लत के कारण उन पर भारी कर्ज हो गया था। पैसों की इसी तंगी को दूर करने के लिए उन्होंने अपनी ही मौसी के घर में डकैती और कत्ल की इस रूह कंपा देने वाली स्क्रिप्ट लिखी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजकर लूटा गया माल बरामद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।


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