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Medical store Strike: प्रदेशभर में दवा दुकानों की हड़ताल, गर्मी में परेशान दिखे मरीज 

Medical store Strike: प्रदेशभर में दवा दुकानों की हड़ताल, गर्मी में परेशान दिखे मरीज 

Medical store Strike: मध्य प्रदेश में इस समय पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मरीजों पर एक नई मुसीबत आ खड़ी हुई है। ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और एमपीसीडीए के आह्वान पर आज प्रदेशभर के मेडिकल स्टोर्स ने एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल रखी। इस हड़ताल का व्यापक असर ग्वालियर-चंबल से लेकर महाकौशल और निमाड़ अंचल तक देखने को मिला, जहां हजारों दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और लोग हाथ में पर्चा लिए चिलचिलाती धूप में भटकते नजर आए।

क्यों बंद हैं दुकानें?

जिला औषधि विक्रेता संघों के पदाधिकारियों का कहना है कि यह हड़ताल व्यापार बचाने से ज्यादा आम जनता की सुरक्षा के लिए है। केमिस्ट एसोसिएशन का आरोप है कि ऑनलाइन ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी पर्चियों के सहारे प्रतिबंधित और नशीली दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं में नशे की लत और इसका अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। दवा व्यापारियों का तर्क है कि ऑनलाइन दवा बिक्री की अनुमति केवल कोरोना काल की आपातकालीन परिस्थितियों के लिए दी गई थी। अब जब स्थिति सामान्य है, तो इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए क्योंकि यह रिटेल दवा बाजार के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा है।

प्रदेशभर में हड़ताल का असर 

जबलपुर: 3000 से ज्यादा दुकानें बंद

संस्कारधानी जबलपुर में बंद का सबसे व्यापक असर देखने को मिला। जिले की 3,000 से अधिक दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। एशिया के बड़े दवा बाजारों में शुमार 'सिविक सेंटर दवा बाजार' में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, मरीजों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपील जारी की और राहत के तौर पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी को खुला रखा, जिससे कुछ हद तक लोगों को जरूरी दवाइयां मिल सकीं।

खरगोन: तांगे और ई-रिक्शा पर अनोखा प्रदर्शन

निमाड़ के खरगोन जिले में केमिस्ट एसोसिएशन ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। मेडिकल व्यवसाई और केमिस्ट भारी तादाद में तांगे और ई-रिक्शा पर सवार होकर रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। खरगोन सहित पूरे जिले में निजी मेडिकल स्टोर्स बंद रहने से जिला अस्पताल के सामने मरीजों के परिजनों को भीषण गर्मी में दवाइयों के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।

ग्वालियर: 13 प्राइवेट अस्पतालों के मेडिकल खुले

ग्वालियर केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर अंचल की सभी दवा दुकानें बंद रहीं। जिला अस्पताल के सामने केमिस्टों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि, ग्वालियर में मानवीय दृष्टिकोण और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए एक व्यावहारिक कदम उठाया गया; शहर के 13 प्रमुख निजी अस्पतालों के भीतर संचालित मेडिकल स्टोर्स को खुला रखा गया ताकि गंभीर मरीजों की जान पर कोई संकट न आए।

गर्मी में जनता बेहाल

एक तरफ पारा 43 से 45 डिग्री के पार चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस हड़ताल ने मरीजों का इम्तिहान ले लिया। कई ग्रामीण और दूर-दराज से आए परिजनों ने बताया कि उन्हें इस एक दिवसीय हड़ताल की पहले से कोई सूचना नहीं थी। जिला अस्पतालों के बाहर लोग अपने बीमार परिजनों को छांव में बैठाकर घंटों खुली दुकानों की तलाश में भटकते देखे गए।


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