Basant Panchami 2026: हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व इस साल 23 जनवरी को मनाया जायेगा। यह दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है। विद्यार्थी इस दिन विशेष रूप से पूजा करते हैं और पढ़ाई की शुरुआत करते हैं। बसंत पंचमी से बसंत ऋतु की भी शुरुआत होती है। इस त्योहार को सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व का हिंदू धर्म में काफी महत्व है, विशेष रूप से यह त्योहार पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।
शुभ मुहूर्त
इस दिन लोग पीले कपड़े पहनते हैं, पीले रंग के पकवान बनाते हैं और घरों में उत्सव का माहौल रहता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा का मुहूर्त प्रातः 06:43 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माजी ने सृष्टि में ध्वनि और ज्ञान भरने के लिए जब अपने कमंडल से जल छिड़का, तब हाथ में वीणा धारण किए हुए देवी सरस्वती प्रकट हुईं। इसलिए वसंत पंचमी को मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है जब शीत ऋतु का समापन होता है। तब बसंत ऋतु का आगमन होता है। इस दिन को वसंत पंचमी, वसंत ऋतु के आगमन के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है।
बसंत पंचमी का महत्व
कहा जाता है कि वसंत पंचमी यानी ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती के जन्मोत्सव से ही सृष्टि में ज्ञान का संचार हुआ था। इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहन, पीली चीजें अर्पित कर मां सरस्वती की पूजा करते हैं। शिक्षा, संगीत और कला आदि से जुड़े कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।