श्योपुर : मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक बार फिर चार नन्हे शावकों की किलकारी गूंज उठी है। भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 4 शावकों को जन्म देकर एक बार फिर प्रदेश में चीतों का कुनबा बढ़ा दिया है। जिसकी जानकारी खुद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया में पोस्ट शेयर कर दी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने साझा की जानकारी
शावकों के जन्म की जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए लिखा, "4 साल, 4 नई जिंदगियां - प्रोजेक्ट चीता के लिए यह उम्मीद और सफलता का प्रतीक है।"
गामिनी की बेटी ने बढ़ाया कुनबा
KGP-12 दक्षिण अफ्रीका से भारत लाई गई मादा चीता गामिनी की बेटी है। गामिनी भारत में शावकों को जन्म देने वाली पहली चीता थी। अब उसकी बेटी ने भी कूनो में शावकों को जन्म देकर इस परियोजना की अगली पीढ़ी की शुरुआत की है।
17 सितंबर 2022 को शुरू हुआ था सफर
भारत में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए 8 चीतों के साथ हुई थी. इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए. फरवरी 2026 में बोत्सवाना से भी 9 चीतों को भारत लाया गया. इन पुनर्स्थापना प्रयासों और भारत में हुए प्रजनन के परिणामस्वरूप अब देश में 56 जीवित चीते हैं।
मध्य प्रदेश में 56 चीते
चार शावकों के जन्म से पहले कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 49 और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में 3 चीते थे. अब KGP12 के चार शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीतों की संख्या 53 और मध्य प्रदेश में कुल संख्या 56 हो गई है. कूनो के साथ गांधी सागर में भी चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना का विस्तार किया गया है.