जांजगीर : छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में आज जिला संवाद 2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे जनप्रतिनिधि से लेकर कॉलेज के संचालक, डॉक्टर्स सहित कई बड़ी हस्तियां ने शिरकत कर छत्तीसगढ़ में विकास और रोजगार पर खुलकर चर्चा की। साथ ही जांजगीर चांपा में विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार से मांग की। कार्यक्रम का आयोजन आईएएस हरीभूमि के द्वारा किया गया। जिसके माध्यम से सभी दिग्गजों ने अपने विचार सरकार और जनता के सामने रखे।
आयुर्वेद काफी लोकप्रिय चिकित्सा
जांजगीर-चांपा में हुए इस संवाद कार्यक्रम में जब एंकर राशि ने आर्युवेदिक चिकित्सा के प्रभाव - उपयोग से जुड़े सवाल जब डॉक्टर परस शर्मा से पूछे तो उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा को पूरे जिले में नहीं पूरे प्रदेश में एक नई सूरत और एक नई पहचान देने की जरूरत है। आज एलोपैथ, होम्योपैथिक नही बल्कि आयुर्वेद काफी लोकप्रिय चिकित्सा है.
जांजगीर में एक भी आयुर्वेदिक कॉलेज नहीं
में पिछले 40 साल से जांगीर में आयुर्वेद चिकित्सा की सुविधा दे रहा हूँ। लोगों की सेवा आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से कर रहा हूं। इतना ही नहीं मैंने आयुर्वेद चिकित्सा के लिए एक क्लीनिक भी खोल रखा है। जहां में निशुल्क सुविधा दे रहा हूँ। जांजगीर में एक भी आयुर्वेदिक कॉलेज नहीं है। जिसकी मांग हम कब से कर रहे है। जिले में एक आयुर्वेदिक कॉलेज की बहुत आवश्यकता है। ताकि लोग आयुर्वेद को बेहतर तरीके से समझ पाए।
आयुर्वेद के प्रति लोगों का झुकाव
इस पर डॉक्टर परस ने कहा कि आयुर्वेदिक के प्रति लोगों का झुकाव तो है। लेकिन इसके लिए एक कॉलेज होना जरूरी है। आज हर घर में लोग आयुर्वेद चिकित्सा के बारे में अवगत हैं। आम जनों में आयुर्वेद गहराई से दिल तक बैठा हुआ है। आज स्वस्थ व्यक्ति को भी आयुर्वेद की जरूरत है। आयुष हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जिसे भारतीय चिकित्सा पद्धति भी कहते हैं। और लोग चाहते हैं कि जगह-जगह आयुष चिकित्सा केंद्र रहे। स्कूली बच्चों को हम आयुर्वेद के बारे में शिक्षा दे रहे हैं। कुछ दिन में स्कूली कोर्स में आ जाएगा। आयुर्वेद की जो हमारा स्वास्थ्य वृत्ति की योजना है।
आयुर्वेद को प्रचार प्रसार की जरूरत नहीं
डॉक्टर परस ने आगे कहा कि नेशनल आयुष मिशन के तहत सुप्रजा योजना चलाई जा रही है। जहां 9 महीने तक सुप्रजा मतलब गर्भवती महिलाओं को कैसे रहना है आयुर्वेद के माध्यम से ताकि जो बच्चा पैदा हो वो संस्कारी हो वो हम कर रहे हैं तो आयुर्वेद का प्रचार प्रसार की आवश्यकता नहीं है। लोग सब आयुर्वेद के प्रति उनका रुझान है। अभी जब कोविड हुआ कोविड हुआ तो इम्यूनिटी वाली बात आई। इम्युनिटी बढ़ाने में भी जो भूमिका आयुर्वेद की है एलोपैथिक की नहीं है। तो इसलिए आयुर्वेद काफी लोकप्रिय चिकित्सा पद्धति है और आम लोग पसंद करते हैं।