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Butterfly Destination बनने की ओर धमतरी, जंगलों में मिलीं 90 प्रजातियों की तितलियां; इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

Butterfly Destination बनने की ओर धमतरी, जंगलों में मिलीं 90 प्रजातियों की तितलियां; इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

धमतरी। छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला जल्द ही प्राकृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में पहचान बना सकता है। जिले के वन क्षेत्रों में अब तक 90 प्रजातियों की तितलियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस समृद्ध जैव विविधता को देखते हुए जिला प्रशासन यहां 'बटरफ्लाई जोन' विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ इको-टूरिज्म को भी नई दिशा मिल सके।

प्राकृतिक वातावरण बना तितलियों का सुरक्षित ठिकाना

धमतरी जिले की भौगोलिक संरचना तितलियों के संरक्षण के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। महानदी के उद्गम क्षेत्र, घने जंगल, छोटे-बड़े जलस्रोत, जलप्रपात और चार प्रमुख बांध यहां ऐसा प्राकृतिक वातावरण तैयार करते हैं, जहां विभिन्न प्रजातियों की तितलियां आसानी से पनपती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां की विविध वनस्पतियां और नमी वाला वातावरण इनके जीवन चक्र के लिए आदर्श है।

बारिश में और बढ़ जाती है तितलियों की रौनक

मानसून के दौरान धमतरी के जंगलों, नदी-नालों और जलाशयों के आसपास रंग-बिरंगी तितलियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। अलग-अलग आकार, रंग और डिजाइनों वाली तितलियां पर्यटकों, फोटोग्राफरों और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। यही वजह है कि यह क्षेत्र धीरे-धीरे नेचर टूरिज्म के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है।

पर्यावरण संतुलन में निभाती हैं अहम भूमिका

विशेषज्ञों के मुताबिक तितलियां केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। ये पौधों पर अंडे देती हैं, जिनसे निकलने वाले लार्वा प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। वहीं, वयस्क तितलियां फूलों से रस ग्रहण करते समय परागण (Pollination) में मदद करती हैं, जिससे वनस्पतियों का संरक्षण और नई पौधों की वृद्धि संभव होती है।

'बटरफ्लाई जोन' से पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

जिला प्रशासन अब इस प्राकृतिक संपदा को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित 'बटरफ्लाई जोन' के विकसित होने से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और धमतरी इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान बना सकेगा। स्थानीय पर्यावरणविदों और प्रकृति प्रेमियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए तितलियों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण पर जोर दिया है।

धमतरी को मिल सकती है नई पहचान

यदि प्रस्तावित योजना सफल होती है तो धमतरी सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य और जलस्रोतों के लिए ही नहीं, बल्कि 'बटरफ्लाई डेस्टिनेशन' के रूप में भी देशभर के पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। इससे स्थानीय पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


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