होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का बढ़ता संक्रमण, 205 तक पहुंची मरीजों की संख्या; रायपुर में सबसे ज्यादा असर

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का बढ़ता संक्रमण, 205 तक पहुंची मरीजों की संख्या; रायपुर में सबसे ज्यादा असर

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसमी बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को प्रदेश में 26 नए संक्रमितों की पहचान हुई, जिसके बाद अब तक सामने आए कुल मामलों की संख्या बढ़कर 205 हो गई है। इनमें 57 मामले फिलहाल एक्टिव हैं, जबकि 44 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। लगातार बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव को संक्रमण बढ़ने की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। पिछले कुछ सप्ताह से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें राजधानी रायपुर सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है।

H1N1 वायरस की वजह से फैलता है संक्रमण

रायपुर के स्वाइन फ्लू नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश चतुर्वेदी के मुताबिक, स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा ग्रुप के H1N1 वायरस के कारण होता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने पर यह संक्रमण दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। स्वाइन फ्लू होने पर मरीज में तेज बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सामान्य स्थिति में ये लक्षण कुछ दिनों में कम हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का असर ज्यादा समय तक रह सकता है।

एक दिन में रायपुर में 12 नए केस

शुक्रवार को सामने आए नए मामलों में रायपुर सबसे आगे रहा, जहां 12 संक्रमित मिले। इसके बाद बिलासपुर में 6, दुर्ग में 4 और बालोद में 2 नए मामलों की पुष्टि हुई। वहीं जांजगीर और महासमुंद में एक-एक मरीज सामने आया। स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक सामने आए मामलों में गंभीर स्थिति वाले मरीजों की संख्या नहीं बताई गई है। कुछ मरीज अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल पहुंचे थे, जहां जांच के दौरान उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।

13 मरीजों का घर पर चल रहा इलाज

प्रदेश में स्वाइन फ्लू से संक्रमित 13 मरीज होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे हैं। वहीं 44 मरीजों का इलाज अस्पतालों में जारी है। बाकी मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।मौसम में लगातार बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबे समय तक बुखार, खांसी या गले में दर्द जैसे लक्षण बने रहने पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए।

रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में भी ज्यादा मामले

प्रदेश के जिलों में रायपुर में अब तक सबसे अधिक 89 स्वाइन फ्लू केस सामने आए हैं। दुर्ग और बिलासपुर 26-26 मामलों के साथ इसके बाद हैं।

जिलेवार संक्रमितों की स्थिति इस प्रकार है:

रायपुर -    89
दुर्ग- 26
बिलासपुर    - 26
कोरबा -     11
रायगढ़ -     10
धमतरी -    9
महासमुंद    - 4
राजनांदगांव -     4
बालोद -     3
बस्तर-    3
बेमेतरा-     3
जांजगीर-चांपा-    3
कांकेर-    2
सूरजपुर-    2
सरगुजा-    2
बलौदाबाजार-    1
दंतेवाड़ा-     1
गरियाबंद-    1
जशपुर-    1
कोंडागांव-    1
मनेंद्रगढ़-    1
मोहला-मानपुर-    1
सक्ती-    1

बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

स्वाइन फ्लू का संक्रमण आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो सकता है, लेकिन पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों और बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। खांसी या छींक आने पर मुंह ढकना, हाथों को साफ रखना और बीमारी के लक्षण होने पर भीड़ से दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले 200 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में नए मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होगी।


संबंधित समाचार