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छत्तीसगढ़ के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, अब कराना होगा E-KYC; मोर बिजली ऐप से मिनटों में होगा काम

छत्तीसगढ़ के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, अब कराना होगा E-KYC; मोर बिजली ऐप से मिनटों में होगा काम

रायपुर: छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन रखने वाले करीब 65 लाख उपभोक्ताओं के लिए E-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। घरेलू, गैर-घरेलू समेत बिजली उपभोक्ताओं की सभी श्रेणियों को अपने कनेक्शन का ई-केवाईसी पूरा करना होगा। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है और उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए मोर बिजली ऐप के जरिए घर बैठे E-KYC की व्यवस्था की गई है।

पॉवर कंपनी के मुताबिक, मोबाइल से ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है और सामान्य तौर पर इसे पूरा करने में करीब एक मिनट या उससे भी कम समय लग सकता है। इसके अलावा प्रदेशभर के बिजली दफ्तरों और डीसी सेंटरों में भी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

Mor Bijli App से घर बैठे ऐसे होगा E-KYC

उपभोक्ता अपने मोबाइल में मोर बिजली ऐप के माध्यम से खुद भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए ऐप में आधार आधारित प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई है। ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता को अपना आधार नंबर और बिजली कनेक्शन का BP नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम का मिलान किया जाएगा। प्रक्रिया के अगले चरण में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा।

OTP सत्यापित होने के बाद मोबाइल कैमरे के जरिए फेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चेहरे की तस्वीर लेने के बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यानी उपभोक्ताओं को किसी चॉइस सेंटर में जाकर लंबी कतार लगाने की जरूरत नहीं होगी।

सिर्फ आधार और बिजली कनेक्शन का BP नंबर जरूरी

पॉवर कंपनी ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों की संख्या भी सीमित रखी है। इसके लिए मुख्य रूप से आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन का BP नंबर जरूरी होगा। उपभोक्ता अपना BP नंबर बिजली बिल से प्राप्त कर सकते हैं। कंपनी का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोग मोबाइल के जरिए खुद ही प्रक्रिया पूरी कर सकें, ताकि बिजली दफ्तरों में अनावश्यक भीड़ न बढ़े।

5 हजार से ज्यादा मीटर रीडर भी करेंगे मदद

ई-केवाईसी अभियान को तेज करने के लिए पॉवर कंपनी ने 5 हजार से अधिक मीटर रीडरों को भी इस काम से जोड़ने का फैसला किया है। मीटर रीडर महीने के करीब 15 दिन नियमित मीटर रीडिंग का काम करेंगे, जबकि बाकी 15 दिन उपभोक्ताओं के घर जाकर ई-केवाईसी कराने में उनकी मदद करेंगे। इस व्यवस्था से उन उपभोक्ताओं को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें मोबाइल ऐप के जरिए ई-केवाईसी करने में परेशानी हो सकती है।

बिजली दफ्तरों और DC सेंटरों में भी बने काउंटर

जो उपभोक्ता खुद ऑनलाइन ई-केवाईसी नहीं कर पाएं, वे अपने क्षेत्र के पॉवर कंपनी के DC सेंटर में जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए कई केंद्रों पर अलग काउंटर बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन के साथ थंब वेरिफिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। उपभोक्ताओं को यहां अपना आधार कार्ड और बिजली बिल साथ लेकर जाना होगा, जिससे कनेक्शन का BP नंबर आसानी से प्राप्त किया जा सके।

आधार और बिजली कनेक्शन में नाम अलग है तो पहले होगा सुधार

ई-केवाईसी के दौरान यदि आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम अलग पाया जाता है तो पहले कनेक्शन के रिकॉर्ड में नाम सुधार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही ई-केवाईसी किया जाएगा। इसी तरह यदि बिजली कनेक्शन परिवार के किसी ऐसे सदस्य के नाम पर है, जिनका निधन हो चुका है, तो आवश्यक दस्तावेज के आधार पर कनेक्शन में नाम परिवर्तन कराया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित उपभोक्ता को मृत्यु प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।

उपभोक्ताओं को नहीं लगानी होगी लंबी लाइन

पॉवर कंपनी ने ई-केवाईसी की पूरी व्यवस्था इस तरह तैयार की है कि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो। मोबाइल ऐप से घर बैठे प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा के साथ मीटर रीडरों और बिजली कार्यालयों के माध्यम से भी सहायता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में पहली बार बिजली कनेक्शनों के लिए बड़े स्तर पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में 65 लाख उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपने बिजली कनेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड और आधार की जानकारी सही रखें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-केवाईसी पूरा करें।


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