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छत्तीसगढ़ जनगणना 2027: 1 मई से शुरू होगा महाअभियान, 62 हजार कर्मचारी तैनात, पहली बार डिजिटल सर्वे...

छत्तीसगढ़ जनगणना 2027: 1 मई से शुरू होगा महाअभियान, 62 हजार कर्मचारी तैनात, पहली बार डिजिटल सर्वे...

रायपुर: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। राज्य सरकार ने इस बड़े प्रशासनिक अभियान को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली है। गृह विभाग की निगरानी में चल रहे इस महाअभियान का पहला चरण 1 मई से शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और हाउसिंग गणना की जाएगी। रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ और जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने इसकी विस्तृत जानकारी दी।

1 मई से घर-घर सर्वे शुरू

पहले चरण के तहत 1 से 30 मई तक प्रगणक राज्यभर में घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। इसमें मकान की स्थिति और निर्माण प्रकार, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं, परिवार की संरचना, उपलब्ध परिसंपत्तियों की जानकारी शामिल होंगे, यह चरण आगे होने वाली जनसंख्या गणना की नींव तैयार करेगा।

62 हजार से अधिक कर्मचारी तैनात

इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने करीब 62,500 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसमें प्रमुख जनगणना अधिकारी, जिला एवं तहसील स्तर के अधिकारी, प्रगणक और पर्यवेक्षक मास्टर ट्रेनर्स शामिल हैं, ये टीम 33 जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे सुनिश्चित करेगी।

पहली बार डिजिटल जनगणना

इस बार जनगणना पूरी तरह आधुनिक तकनीक से जुड़ी होगी। खास बातें ये है कि  16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन और नागरिक खुद पोर्टल पर जानकारी भर सकेंगे। हर परिवार को मिलेगा Self Enumeration ID प्रगणक द्वारा सत्यापन के बाद डेटा फाइनल होगा, इससे डेटा संग्रह तेज और अधिक सटीक होने की उम्मीद है।

माइक्रो प्लानिंग: गांव-गांव तक पहुंच

राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर माइक्रो प्लानिंग की  33 जिले, 195 नगरीय निकाय, 252 तहसील, 19,978 गांव, लगभग 49,000 गणना ब्लॉक है, इस व्यवस्था से सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी घर सर्वे से छूट न जाए।

डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय

गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी जिसमें  जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सुरक्षित रहेगी, किसी भी जांच एजेंसी या विभाग से साझा नहीं की जाएगी। केवल सरकारी योजनाओं और नीति निर्माण में उपयोग होगी।

जानकारी देना अनिवार्य

सरकार ने साफ किया है कि जनगणना में जानकारी देना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। जानकारी नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 1 मई से शुरू होने वाला यह अभियान राज्य के विकास की नई रूपरेखा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।


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