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Chhattisgarh News: स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई पर की कार्रवाई, तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

Chhattisgarh News: स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई पर की कार्रवाई, तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। विभाग ने उप संचालक डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह कदम सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के उल्लंघन से जुड़े मामले में उठाया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक जवाबदेही और अधिकारियों के आचरण से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि, मामले से संबंधित आरोपों और शिकायतों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।

शिकायतों के बाद विभाग ने उठाया कदम

डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई स्वास्थ्य विभाग में उप संचालक के पद पर कार्यरत थे। उनके कामकाज को लेकर विभिन्न शिकायतें सामने आने की जानकारी दी गई है। इनमें अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें भी शामिल बताई जा रही हैं। इन शिकायतों के बीच विभाग ने उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया है। हालांकि, निरीक्षण से जुड़ी शिकायतों की प्रकृति और उन पर हुई जांच की स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत निलंबन

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश में डॉ. गहवई के निलंबन का आधार सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन बताया गया है। आदेश के अनुसार, निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। सरकारी सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों के लिए निर्धारित आचरण नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। इन नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में शासन नियमानुसार विभागीय कार्रवाई कर सकता है। इस प्रकरण में आगे की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक निर्णयों की जानकारी आधिकारिक आदेशों से स्पष्ट होगी।

एक से अधिक विवाह के आरोप भी चर्चा में

डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई के खिलाफ बिना तलाक लिए दो से अधिक विवाह करने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इस मामले का उल्लेख उनके खिलाफ हुई कार्रवाई के संदर्भ में किया जा रहा है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होना अपने आप में आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में वास्तविक तथ्यों, संबंधित कानूनी प्रावधानों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की स्थिति तय होगी। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

आगे की कार्रवाई पर रहेगी नजर

डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई के निलंबन के बाद अब विभागीय प्रक्रिया और मामले से जुड़े आधिकारिक तथ्यों पर नजर रहेगी। जांच में सामने आने वाली जानकारी और शासन के आगामी आदेश इस प्रकरण की दिशा स्पष्ट कर सकते हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के मामले में उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। अन्य आरोपों की पुष्टि और कानूनी स्थिति संबंधित जांच एवं दस्तावेजों पर निर्भर करेगी।



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