बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय समीक्षा बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई करते हुए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के उप संचालक ए.एल. बांधे को निलंबित कर दिया है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने इस संबंध में 16 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया। शासन की इस कार्रवाई को सरकारी सेवा में अनुशासन और निर्धारित आचरण नियमों के पालन से जोड़कर देखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप
मामला बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आयोजित एक समीक्षा बैठक से जुड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान ए.एल. बांधे पर वरिष्ठ अधिकारी के साथ अनुचित व्यवहार करने और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। इस घटना को प्रशासनिक मर्यादा और शासकीय सेवा के निर्धारित मानकों के विपरीत माना गया। इस संबंध में बलौदाबाजार-भाटापारा के कलेक्टर की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को शासन को ज्ञापन भेजा गया था। इसी के आधार पर आवास एवं पर्यावरण विभाग ने मामले पर कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया।
सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई
शासन के आदेश में संबंधित अधिकारी के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ा माना गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई। इस निर्णय के जरिए शासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन के दौरान अधिकारियों से निर्धारित आचरण, अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
निलंबन अवधि में नवा रायपुर रहेगा मुख्यालय
16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान उप संचालक ए.एल. बांधे का मुख्यालय नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग के अवर सचिव की ओर से जारी किया गया। बलौदाबाजार में हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सरकारी बैठकों में अधिकारियों के व्यवहार और सेवा नियमों के पालन का मुद्दा चर्चा में है। शासन की ओर से की गई कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।