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स्कूल में छात्र से अश्लील गालियां लिखवाने वाली शिक्षिका सस्पेंड, DEO ने बैठाई जांच

स्कूल में छात्र से अश्लील गालियां लिखवाने वाली शिक्षिका सस्पेंड, DEO ने बैठाई जांच

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित बिरला माइंड इंटरनेशनल स्कूल में एक बेहद गंभीर और विवादित मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल की एक शिक्षिका ने एक छात्र से उसकी मां के लिए अश्लील गालियां नोटबुक में 100 से अधिक बार लिखवाईं। इतना ही नहीं, छात्र को वही नोटबुक घर ले जाने के लिए भी दी गई। घटना उजागर होने के बाद अभिभावकों, छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

घर पहुंची कॉपी तो परिजन रह गए हैरान

जानकारी के अनुसार छात्र जब स्कूल से घर पहुंचा और परिजनों ने उसकी नोटबुक देखी, तो उसमें लिखी आपत्तिजनक और अशोभनीय भाषा देखकर सभी हैरान रह गए। इसके बाद अभिभावकों ने तत्काल स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। मामला धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया, जिससे स्कूल प्रशासन पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया।

स्कूल प्रबंधन ने मांगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया है। प्रबंधन ने कहा कि यह घटना संस्थान के मूल्यों और अनुशासन के पूरी तरह विपरीत है। मामले में संबंधित शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। प्रबंधन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

छात्र संगठनों ने जताया आक्रोश

घटना सामने आने के बाद छात्र संगठनों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। संगठनों ने स्कूलों में बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।

DEO ने दिए जांच के निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश झा ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि स्कूल में शिक्षकों के आचरण और अनुशासन से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

मामले ने खड़े किए कई सवाल

इस घटना ने निजी स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार, शिक्षकों की जवाबदेही और स्कूलों की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का स्थान होता है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।


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