बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड की लापरवाही के खिलाफ एक युवक का अनोखा विरोध आखिरकार रंग लाया। “बादाम वाला वीडियो” सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को मुख्यालय अटैच कर दिया। मामला एक साल से फाइल गुम होने और लगातार टालमटोल से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
तिफरा क्षेत्र के एक युवक ने रिसेल में EWS फ्लैट खरीदा था। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसने हाउसिंग बोर्ड में नामांतरण के लिए आवेदन किया, लेकिन उसकी फाइल कथित तौर पर गुम हो गई। युवक का आरोप है कि पिछले एक साल से उसे “कल आना, परसों आना” कहकर लगातार टाला जा रहा था।
अनोखा विरोध बना चर्चा का विषय
लगातार चक्कर काटने और सुनवाई न होने से परेशान युवक ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। वह 500 ग्राम बादाम की थैली लेकर कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों के सामने मेज पर बादाम बिखेरते हुए कहा-“मैडम, शायद बादाम खाने से आपकी याददाश्त बढ़ जाए और मेरी फाइल मिल जाए।” इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवक अपनी परेशानी और एक साल से लंबित फाइल की बात करते हुए नजर आया।
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन सख्त
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद संपदा अधिकारी एल.पी. बंजारे और सहायक पुन्नम बंजारे को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
सिस्टम पर उठे सवाल
यह घटना सरकारी दफ्तरों में फाइलों के गायब होने और आम जनता को परेशान करने की समस्या को एक बार फिर उजागर करती है। युवक का अनोखा विरोध जहां सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना, वहीं प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एक आम नागरिक की रचनात्मक और व्यंग्यात्मक पहल ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया के दौर में छोटी से छोटी आवाज भी बड़े बदलाव की वजह बन सकती है।