बालाघाट। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जबलपुर लोकायुक्त टीम ने एरियर भुगतान के मामले में रिश्वत लेने के आरोप में एक लेखापाल को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग सहित संबंधित कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त ने बनाया ट्रैप का प्लान
जानकारी के अनुसार, लेखापाल वोमेन्द्र रोकडे पर एक सहायक शिक्षक से लंबित एरियर राशि जारी कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने मामले में जांच कर आरोपी के खिलाफ ट्रैप का प्लान बनाया और रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
एरियर 94085 रुपए बना था
मामले की जानकारी देते हुए लोकायुक्त के अधिकारी ने बताया कि सहायक शिक्षक नरेंद्र कुमार डोहरे पिता स्व. सोमालाल डोहरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कायदी निवासी वार्ड नंबर-14 वारासिवनी, जिला बालाघाट ने रिश्वतखोरी को लेकर लिखित शिकायत की थी।
एरियर की राशि निकालने के ऐवज में मांगे पैसे
उन्होंने आवेदन में बताया था कि वेतन विसंगति का जुलाई 2017 से दिसंबर 2023 तक का एरियर 94085 रुपए बना था। इसमें से शिक्षक को 66557 रुपए का भुगतान पूर्व में मिल चुका है। बाकी 27528 रुपए एरियर की राशि को निकालने के ऐवज में आरोपी वोमेंद्र रोकड़े बाबू द्वारा 4000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। रिश्वत नही देने पर भुगतान की फाइल को पास नहीं किया जा रहा था।
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जारी
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7, 13(1)B, 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। ट्रेप दल में निरीक्षक राहुल गजभिए और टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव शामिल थे।