
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में PCC चीफ को लेकर घमासान, टीएस सिंहदेव की दावेदारी से बढ़ी हलचल...
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से अंदरखाने चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की इच्छा जताने के बाद पार्टी के भीतर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस संगठन की अंदरूनी गुटबाजी को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
टीएस सिंहदेव ने जताई संगठन की कमान संभालने की इच्छा
टीएस सिंहदेव ने हाल ही में कहा कि यदि कांग्रेस आलाकमान उन्हें जिम्मेदारी सौंपता है तो वे प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने साफ संकेत दिए कि वे राष्ट्रीय राजनीति के बजाय छत्तीसगढ़ में रहकर संगठन को मजबूत करना चाहते हैं। सिंहदेव ने अपने बयान में चुनावी जीत और हार के अनुभव का जिक्र करते हुए संगठन को नई दिशा देने की बात कही। राजनीतिक विश्लेषक इसे मौजूदा नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के तौर पर देख रहे हैं।
दीपक बैज का पलटवार, कहा- युवाओं को मिले मौका
टीएस सिंहदेव के बयान के बाद मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सिंहदेव को वरिष्ठ और अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली जाकर राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए काम करना चाहिए। बैज ने यह भी कहा कि राज्य संगठन में युवाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में सीधे तौर पर सिंहदेव की दावेदारी पर जवाब माना जा रहा है। हालांकि, बाद में कोरबा में आयोजित कांग्रेस महासम्मेलन के दौरान बैज द्वारा सिंहदेव के पैर छूने की तस्वीर सामने आई, जिसके बाद इसे संगठनात्मक डैमेज कंट्रोल की कोशिश बताया जाने लगा।
भूपेश बघेल ने साधा संतुलित रुख
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने पूरे विवाद पर बेहद संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे टीएस सिंहदेव के बयानों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। बघेल ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष जैसे पदों पर फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बघेल का यह बयान संगठन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश है, लेकिन इसे आंतरिक रणनीति के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस हाईकमान के सामने बढ़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच अब सबकी नजर कांग्रेस आलाकमान पर टिकी हुई है। पार्टी को आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर जारी यह सियासी खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है, जिससे छत्तीसगढ़ की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।
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