
कचना ओवरब्रिज का इंतजार खत्म: कल होगा लोकार्पण, डेढ़ लाख लोगों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत...
रायपुरवासियों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। राजधानी रायपुर का बहुप्रतीक्षित कचना ओवरब्रिज पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और अब इसके उद्घाटन की तारीख भी तय हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल इस ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे। करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस ओवरब्रिज की लंबाई लगभग 800 मीटर बताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इसके शुरू होते ही आसपास के डेढ़ लाख से अधिक लोगों को ट्रैफिक जाम और रेलवे फाटक की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
उद्घाटन से पहले ही लोगों में उत्साह
कचना ओवरब्रिज के दोनों ओर नई सड़कें, सर्विस लेन और पेंटिंग का काम पूरा हो चुका है। पुल पूरी तरह तैयार होने के बावजूद पिछले कई दिनों से आम जनता के लिए इसे बंद रखा गया था। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली, क्योंकि रोजाना हजारों वाहन चालक रेलवे फाटक पर लंबे जाम में फंस रहे थे। स्थानीय निवासियों का कहना था कि जब निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तो केवल औपचारिक उद्घाटन के इंतजार में पुल बंद रखना उचित नहीं है।
हर 15 मिनट में बंद होता है रेलवे फाटक
खम्हारडीह-कचना रेलवे क्रॉसिंग राजधानी के सबसे व्यस्त रेलवे फाटकों में से एक माना जाता है। रेलवे के अनुसार इस रूट से हर दिन करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में औसतन हर 15 मिनट में फाटक बंद हो जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।सुबह और शाम के समय यहां लंबा ट्रैफिक जाम आम बात बन चुका था।
इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
कचना ओवरब्रिज शुरू होने से वीआईपी स्टेट, अशोका रतन, कचना हाउसिंग बोर्ड, बाराडेरा, जोरा, चंडीनगर, पार्वती नगर और भावना नगर सहित कई रिहायशी इलाकों के लोगों को राहत मिलेगी। बीते कुछ वर्षों में इन इलाकों में तेजी से आबादी बढ़ी है, जिसके कारण ट्रैफिक दबाव भी कई गुना बढ़ गया था।
8 साल पुराना प्रोजेक्ट, अब जाकर मिला पूरा आकार
लोक निर्माण विभाग ने करीब आठ साल पहले इस ओवरब्रिज की योजना तैयार की थी। उस समय यह इलाका शहर का आउटर क्षेत्र माना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यहां बड़ी संख्या में कॉलोनियां विकसित हो गईं। बढ़ते ट्रैफिक दबाव के चलते इस ओवरब्रिज की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी। हालांकि निर्माण कार्य में देरी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण परियोजना तय समय से काफी बाद में पूरी हो सकी।
पहले भी उद्घाटन के इंतजार में रुके थे प्रोजेक्ट
रायपुर एक्सप्रेस-वे और बिलासपुर के लालखदान ओवरब्रिज जैसे कई प्रोजेक्ट पहले भी उद्घाटन की औपचारिकताओं के कारण शुरू होने में देरी का सामना कर चुके हैं। कई मामलों में जनता के विरोध के बाद बैरिकेड हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई थी। अब कचना ओवरब्रिज के शुरू होने के साथ राजधानी रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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