Jitiya Vrat 2025: जितिया व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है। माताओं के लिए जीवित्पुत्रिका व्रत काफी महत्वपूर्ण होता है। इस व्रत को संतान की अच्छे स्वास्थ्य, सुखद भविष्य और लंबी उम्र की कामना के लिए रखते हैं। मान्यताओं के मुताबिक महिलाएं निर्जल रहकर इस दिन कठोर व्रत रखती हैं, साथ ही नवमी तिथि पर अगले दिन शुभ मुहूर्त में पारण करती हैं।
व्रत की मान्यता:
हिंदू मान्यताओं की मानें तो माने तो माताएं जितिया व्रत अपने पुत्रों की दीर्घायु और सुरक्षा के लिए करती हैं। जिसमें जीमूतवाहन की कथा सुनाई जाती है, जो बलिदान और त्याग का प्रतीक माना जाता है। आपको बता दें कि, ये व्रत विशेष रूप से व्यापक रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, नेपाल और झारखंड के कुछ हिस्सों में मनाई जाती है।जितिया व्रत आज सोमवार 15 सितंबर 2025 को मनाया जा रहा है। इसके पारण का सुबह 06:10 से 08:32 बजे तक रहा।
व्रत के पारण में क्या खाएं:
जितिया व्रत के पारण में विशेष रूप से अरबी की सब्जी, मडुआ/रागी की रोटी, नोनी साग, देसी मटर, तोरई (तुरई) झींगा मछली और चावल परंपरागत रूप से कुछ क्षेत्रों में खाया जाता है, लेकिन सूर्य को पारण से पहले अर्घ्य देना जरूरी होता है। जिसके बाद ही भोजन ग्रहण करते हैं।
जितिया व्रत नियम:
इस व्रत को पूरे दिन लोग निर्जल रखते हैं। और किसी भी प्रकार की फल, जल या मिठाई का सेवन नहीं करते हैं। पूजा के बाद संध्या के समय ही विश्राम किया जाता है, और व्रत में कथा सुनना के साथ सुनाना भी इसका एक अभिन्न हिस्सा होता है। वहीं शुभ मुहूर्त में संध्या के समय इसका पारण किया जाता है, ऐसा नहीं करने पर इस व्रत का प्रभाव कम हो जाता है।
व्रत में क्या करें क्या ना करें :
जितिया व्रत पर सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें, साथ ही अपने संतान की मंगलकामना करें। जिसके बाद महिलाएं जीमूतवाहन देवता का ध्यान करते हैं. जिसके बाद पारंपरिक भोजन करें, लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें की इसमें विशेष रूप से अरबी, नोनी साग, मडुआ रोटी और तुरई शामिल रहे। व्रत की पूर्ति के बाद गरीबों को अन्न, दक्षिणा और वस्त्र जरुर दान करें। वहीं बच्चों को व्रत की पूर्णता के बाद करधनी पहनाने की भी परंपरा निभाई जाती है। इसे एक तरह से उनका सुरक्षा कवच भी कहा जाता है।
डिस्क्लेमर: ये पूरी जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। inh news .com इसकी पुष्टि नहीं करता है।