तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलपति की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ (Jan Nayakan) की रिलीज़ अभी टलती नज़र आ रही है। फिल्म के CBFC सर्टिफिकेशन विवाद पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने मामले को सिंगल जज के पास भेज दिया है और जल्द निर्णय देने के निर्देश दिए हैं। डिवीजन बेंच ने साफ किया कि सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद ही फैसला लिया जाए। साथ ही कोर्ट ने फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस को निर्देश दिया है कि वे अपनी रिट याचिका में संशोधन करें और CBFC चेयरपर्सन के आदेश को भी चुनौती दें।
CBFC बनाम KVN प्रोडक्शंस: क्यों फंसा मामला?
विजय थलपति की यह फिल्म पोंगल से पहले 9 जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से समय पर सर्टिफिकेट न मिलने के कारण रिलीज़ टालनी पड़ी। CBFC और मेकर्स के बीच सुझावों, कट्स और सर्टिफिकेशन को लेकर विवाद बढ़ता गया, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत:
15 जनवरी को फिल्म के निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन वहां से उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला पहले मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने रखा जाए। इसके बाद 20 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। अब कोर्ट ने यह मामला दोबारा सिंगल जज को सौंप दिया है।
अब तक की पूरी टाइमलाइन:
15 दिसंबर – फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन पूरा
18 दिसंबर – CBFC चेन्नई में फिल्म जमा
24 दिसंबर – कट्स और म्यूट स्वीकार कर रिवाइज्ड वर्जन सबमिट (U/A 16+)
5 जनवरी – शिकायत की जानकारी मेकर्स को दी गई
6 जनवरी – KVN प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की
9 जनवरी – सिंगल जज जस्टिस पीटी आशा ने U/A सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया
11 जनवरी – प्रोड्यूसर्स सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
15 जनवरी – सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
20 जनवरी – मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई, फैसला सुरक्षित
अब – मामला फिर सिंगल जज को सौंपा गया
फैंस का इंतजार बढ़ा:
‘जन नायकन’ को 2026 की सबसे बड़ी और चर्चित फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म के कानूनी पचड़े में फंसने से थलपति विजय के फैंस और मेकर्स दोनों की बेचैनी बढ़ गई है। अब सभी की नजरें सिंगल जज के फैसले पर टिकी हैं, जिससे फिल्म की रिलीज़ का रास्ता साफ हो सकता है।