देशभर में रविवार को री-NEET UG 2026 परीक्षा आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ में लगभग 45 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनके लिए प्रदेशभर में 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। राजधानी रायपुर में 25 केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के निर्देशों के तहत सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया।
एडमिट कार्ड में केंद्र बदलने पर छात्र नहीं दे पाया परीक्षा
रायपुर के चौबे कॉलोनी स्थित मायाराम सुरजन शासकीय विद्यालय परीक्षा केंद्र में एक छात्र को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार छात्र प्रारंभिक सुरक्षा जांच पार कर केंद्र के अंदर पहुंच गया था, लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पता चला कि उसके एडमिट कार्ड में दूसरा परीक्षा केंद्र दर्ज है। इसके बाद उसे केंद्र से बाहर कर दिया गया। छात्र कुछ समय तक केंद्र के भीतर रहा, लेकिन अंततः परीक्षा में शामिल नहीं हो सका।
जगदलपुर में NSUI का प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प
री-नीट परीक्षा के दौरान जगदलपुर के पीजी कॉलेज के बाहर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कथित पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा रोकने पर कार्यकर्ताओं और जवानों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ समय तक परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
सुरक्षा जांच में बरती गई विशेष सतर्कता
प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और पहचान का गहन सत्यापन किया गया। सुरक्षा जांच और बायोमेट्रिक प्रक्रिया में औसतन आधा घंटा लग रहा था। परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने के लिए लगातार अनाउंसमेंट भी किए गए ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
छात्रा की ईयररिंग बनी परेशानी, डॉक्टर ने की मदद
रायपुर के एक परीक्षा केंद्र में एक छात्रा कान में ईयररिंग पहनकर पहुंच गई, जिसके कारण उसे प्रवेश नहीं दिया गया। जब उसने ईयररिंग निकालने की कोशिश की तो वह कान में फंस गई। इसी दौरान अपनी बेटी को परीक्षा केंद्र छोड़ने आए ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर अनुज जाऊलकर ने तत्काल मदद की। उन्होंने अपने क्लीनिक से आवश्यक उपकरण मंगवाकर छात्रा की ईयररिंग सुरक्षित तरीके से निकाल दी। डॉक्टर की इस मदद की वहां मौजूद लोगों ने सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया।
दोबारा परीक्षा से तनाव में दिखे अभ्यर्थी
कई परीक्षार्थियों ने बताया कि दोबारा परीक्षा आयोजित होने के कारण वे मानसिक दबाव में हैं। वहीं कुछ परीक्षा केंद्रों पर अभिभावकों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं, जिसके चलते उन्हें तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।