UPI Transaction Charges को लेकर सोशल मीडिया और लोगों के बीच इन दिनों काफी भ्रम देखने को मिल रहा है। चर्चा है कि अब ₹2,000 से ज्यादा का UPI ट्रांजैक्शन करने पर चार्ज देना पड़ेगा और केवल ₹2,000 तक के भुगतान ही मुफ्त रहेंगे। इस तरह की खबरों के बाद ग्राहक और व्यापारी दोनों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अब सरकार की ओर से इस मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। सबसे अहम बात यह है कि P2P यानी Person-to-Person UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। यानी अगर आप UPI के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजते हैं, तो यह सुविधा पहले की तरह मुफ्त रहेगी।
₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर किसे देना होगा चार्ज?
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि UPI से जुड़े शुल्क का मामला मुख्य रूप से Merchant यानी P2M (Person-to-Merchant) पेमेंट से संबंधित है। इसका मतलब है कि किसी दुकान, कारोबारी या व्यापारी को UPI के जरिए भुगतान करने पर लागू होने वाले शुल्क की बात हो रही है।
ग्राहक को UPI पेमेंट करने के लिए अलग से चार्ज देने की बात नहीं है। इसलिए ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान करने वाले आम ग्राहक को सीधे तौर पर चार्ज देना होगा, ऐसा समझना सही नहीं है।
P2P UPI ट्रांजैक्शन रहेगा पूरी तरह फ्री
सरकार की ओर से सबसे महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण P2P ट्रांजैक्शन को लेकर दिया गया है। P2P का मतलब है जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजता है।
ऐसे ट्रांजैक्शन पर कोई MDR चार्ज नहीं लगाया जाएगा। यानी दोस्त को पैसे भेजना, परिवार के किसी सदस्य को रकम ट्रांसफर करना या किसी अन्य व्यक्ति के बैंक अकाउंट में UPI के जरिए पैसे भेजना पहले की तरह फ्री रहेगा।
96% UPI Merchant Transactions ₹2,000 से कम
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, UPI के जरिए होने वाले करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजैक्शन ₹2,000 से कम के होते हैं। ऐसे ट्रांजैक्शन पूरी तरह चार्ज-फ्री हैं।
इसका मतलब है कि रोजमर्रा की खरीदारी करने वाले अधिकांश ग्राहकों और छोटे व्यापारियों पर इस व्यवस्था का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। ₹2,000 से कम के अधिकांश P2M ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं है।
Merchant पहले से देते हैं MDR
मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट के लिए MDR यानी Merchant Discount Rate का प्रावधान पहले से मौजूद है। डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे डिजिटल पेमेंट माध्यमों में मर्चेंट शुल्क का भुगतान करते रहे हैं।
बड़े रिटेलर और कारोबारी आमतौर पर ग्राहकों से अलग से यह शुल्क नहीं लेते। इसके बजाय डिस्काउंट, कैशबैक या EMI जैसे ऑफर्स के जरिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जाता है।
आम UPI यूजर को क्या समझना चाहिए?
सरल भाषा में समझें तो UPI से किसी व्यक्ति को पैसे भेजना मुफ्त रहेगा। वहीं मर्चेंट को किए जाने वाले कुछ बड़े ट्रांजैक्शन पर लागू शुल्क को लेकर चर्चा हो रही है। इसलिए केवल यह कहना कि “₹2,000 से ज्यादा UPI करने पर ग्राहक से चार्ज लिया जाएगा” सही तस्वीर नहीं बताता। सरकार के स्पष्टीकरण के मुताबिक P2P ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं है और ग्राहकों से UPI पेमेंट के लिए सीधे शुल्क वसूले जाने की बात नहीं है। यानी UPI इस्तेमाल करने वाले आम लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि Person-to-Person पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा मुफ्त बनी रहेगी।