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हर पांचवा बच्चा हो रहा यौन शोषण का शिकार, रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, UNICEF का अलर्ट

हर पांचवा बच्चा हो रहा यौन शोषण का शिकार, रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, UNICEF का अलर्ट

UNICEF Report: डिजिटल दौर में इंटरनेट बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन और बातचीत का अहम माध्यम बन चुका है, लेकिन इसके साथ ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। यूनिसेफ (UNICEF) की रिपोर्ट में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण और उत्पीड़न को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले बच्चों का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन यौन शोषण, उत्पीड़न, ब्लैकमेल या अनुचित व्यवहार जैसी घटनाओं का सामना कर रहा है।

सोशल मीडिया से लेकर ऑनलाइन गेमिंग तक बढ़ा खतरा

रिपोर्ट में बताया गया है कि साइबर अपराधी बच्चों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और ऑनलाइन गेमिंग जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अपराधी कई बार नकली पहचान बनाकर बच्चों से दोस्ती करते हैं और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। भरोसा कायम होने के बाद बच्चों पर निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने का दबाव बनाया जा सकता है। कुछ मामलों में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल बच्चे को डराने, धमकाने या ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता है। इससे बच्चे लंबे समय तक मानसिक दबाव में रह सकते हैं।

डर और शर्म के कारण सामने नहीं आते कई मामले

ऑनलाइन शोषण की घटनाओं की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक इनका रिपोर्ट न होना है। कई बच्चे डर या शर्म की वजह से अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित एजेंसियों को घटना की जानकारी नहीं दे पाते। कई बार बच्चों को यह भी समझ नहीं आता कि ऑनलाइन बातचीत कब सामान्य व्यवहार से आगे बढ़कर शोषण या उत्पीड़न में बदल गई। दूसरी ओर, अभिभावकों को भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और उनके सामने आने वाले डिजिटल जोखिमों की पर्याप्त जानकारी नहीं होती।

यूनिसेफ ने टेक कंपनियों से सुरक्षा मजबूत करने को कहा

बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए यूनिसेफ ने सरकारों, तकनीकी कंपनियों और नीति निर्माताओं से प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जोखिम वाले व्यवहार की पहचान करने वाले सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा उम्र के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर पैरेंटल कंट्रोल, कंटेंट मॉडरेशन और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई गई है।

अभिभावकों की भूमिका भी बेहद अहम

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों या सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, माता-पिता को भी बच्चों के साथ इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर खुलकर बातचीत करनी चाहिए। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि वे अनजान लोगों के साथ निजी जानकारी, फोटो या वीडियो साझा न करें और किसी भी संदिग्ध या डराने वाली ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत किसी भरोसेमंद वयस्क को दें। डिजिटल दुनिया का विस्तार लगातार हो रहा है। ऐसे में बच्चों को इंटरनेट से दूर रखने के बजाय उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल करना सिखाना ज्यादा प्रभावी उपाय हो सकता है।


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